हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में श्रीबांकेबिहारी मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वारा पर चांदी की देहरी लग जाने पर वसंत पंचमी की सुबह मंदिर की हाई पावर्ड कमेटी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का देहरी पूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित था। शुक्रवार सुबह उन्होंने पूजन नहीं किया। कमेटी के सदस्य ने कहा कि इस तरह का कोई कार्यक्रम नहीं है। वहीं दूसरी ओर कमेटी अध्यक्ष द्वारा पूजन करने की घोषणा पर उन्हें और कमेटी सचिव को नोटिस भेजा है। इसे लेकर मंदिर में तरह-तरह की चर्चा हो रही हैं।
लक्ष्मण शहीद स्मारक में स्थित श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी की 19 जनवरी को हुई 10वीं बैठक में निर्णय लिया कि मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार पर नई चांदी की देहरी लग जाने पर समिति के सदस्य वसंत पंचमी पर सुबह साढ़े आठ बजे देहरी पूजन करेंगे। यह घोषणा कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने की थी, लेकिन कमेटी की इस घोषणा पर सेवायत व मंदिर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गौरव गोस्वामी के अधिवक्ता संकल्प गोस्वामी ने समिति अध्यक्ष अशोक कुमार एवं सचिव डीएम सीपी सिंह को नोटिस भेजा है। इसमें कहा गया कि देहरी पूजन हरिदासी संप्रदाय की पारंपरिक पूजा पद्धति है। इस पूजन को या तो संप्रदाय के सदस्य व शिष्य करते हैं या फिर ऐसे गैर संप्रदाय के भक्त करते हैं, जिनमें संप्रदाय में विश्वास व श्रृद्धा है। नोटिस में बताया गया कि गैर संप्रदाय के सदस्यों द्वारा देहरी पूजन करना मंदिर की परंपरा के खिलाफ है। वहीं यह भी सवाल खड़ा किया जा रहा है कि कमेटी ने जब देहरी पूजन पर रोक लगा दी है तो समिति के सदस्य स्वयं देहरी पूजन कैसे कर सकते हैं। इस नोटिस के बाद जब गर्भगृह के मुख्य द्वार पर लगभग साढ़े दस किलो चांदी की देहरी स्थापित हुई तो उसके दूसरे दिन शुक्रवार को कमेटी के सदस्यों ने घोषणा के अनुसार पूजन नहींं किया। इस बारे में कमेटी के सदस्य एवं मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी ने कहा कि देहरी पूजन का कोई कार्यक्रम समिति का नहीं था। इसलिए समिति सदस्यों ने देहरी पूजन नहीं किया।
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Author: Vijay Singhal
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