हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ़ विजय सिंघल
मथुरा। परीक्षण में पानी के नमूने फेल होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने ऐसे चार वाटर प्लांटों के खिलाफ कार्रवाई की है जो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर को मानकों को ताक पर रखकर दूषित पानी बाजार में खपा रहे थे। टीम ने चारों प्लांटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। विभाग ने 9 जनवरी को जिले के विभिन्न इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित वाटर प्लांटों से पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के एक दर्जन से अधिक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे थे। शनिवार को पानी के नमूने की जांच रिपोर्ट आई तो चार प्लांटों के नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। नमूनों में हानिकारक बैक्टीरिया और अशुद्धियां पाई गई हैं, जिन्हें मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया गया है। इस पानी का सेवन करने से टाइफाइड, पीलिया और पेट संबंधी बीमारियां होने की आशंका जताई गई है। शासन ने चारों प्लांटों पर कार्रवाई के साथ 14 दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया ने बताया कि कोसीकलां स्थित गौरी एक्वा, छाता स्थित कैंपा सियोर, बजाज लाइफ और तारष वाटर प्लांटों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। जिले में करीब 20 वाटर प्लांट हैं, जो पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सप्लाई करते हैं। इनमें आठ प्लांट ऐसे हैं, जो गर्मी के मौसम में पानी की सप्लाई करते हैं। बाकी 12 प्लांटों से सालभर पानी सप्लाई होता है।
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Author: Vijay Singhal
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