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यमुना में समा रहा 100 क्यूसेक औद्योगिक क्षेत्रों का जहरीला पानी

ByVijay Singhal

Jan 23, 2023
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। पिछले तीन साल से नमामि गंगे के तहत यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की योजना पर अफसरों की लापरवाही ने पानी फेर दिया है। दो दिन से 100 क्यूसेक से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों से निकल रहा जहरीला पानी मसानी नाले से सीधे यमुना में गिर रहा है। इससे यमुना जल की स्थिति एक बार फिर खराब हो गई है। केंद्रीय मदद से यमुना को प्रदूषण मुक्त करने के लिए पिछले तीन साल से नमामि गंगे के तहत काम हो रहा है। मसानी पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाकर 13 एमएलडी से 37.5 एमएलडी कर दी गई है। इसी के निकट जयसिंहपुरा में नया पंपिंग स्टेशन बनाया गया है। इस क्षेत्र के 6 नालों से जुड़े इलाकों में सीवर डाली गई है। तीन साल के दौरान हुए इस कार्य पर 400 करोड़ की लागत आई है। इस के बावजूद यमुना में मसानी पंपिंग स्टेशन से सरस्वती कुंड औद्योगिक क्षेत्र, गणेशरा क्षेत्र की संपूर्ण औद्योगिक इकाइयों से निकल रहा पानी घरेलू पानी के साथ मसानी नाले से सीधे यमुना में गिर रहा है। राल ड्रेन के ओवर फ्लो होने के कारण यह स्थिति पैदा हो रही है। पिछले दो दिन से स्थिति और गंभीर हो गई है। मौनी अमावस्या को यमुना जल से लोग आचमन करने से भी कतराते रहे। बाहर से आ रहे भक्त भी यमुना जल की यह स्थिति देख विचलित हुए। घाटों पर दुर्गंध से लोग यमुना जल में जाने से भी बचते रहे। हालांकि राल ड्रेन की यह स्थिति पिछले करीब 22 दिन से बनी हुई है। जनवरी के शुरू में इस मामले को लेकर काफी शिकायतें हुई थीं इसके बाद कुछ सुधार हुआ लेकिन अब दो दिन से स्थिति फिर बिगड़ गई है।

प्रदूषण बोर्ड की निगरानी पर सवाल
यमुना में गिर रहा पानी औद्योगिक इकाइयों का रंगीन पानी इनके संचालन की स्थिति को जाहिर कर रहा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लचर प्रक्रिया को भी जाहिर करता है। भले ही हाई कोर्ट ने कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं, लेकिन इनका अनुपालन यहां नहीं किया जा रहा है। राल ड्रेन अब अनियंत्रित हो गई है। कई बार इस समस्या से सिंचाई अधिकारियों के साथ प्रशासनिक अफसरों को भी अवगत कराया गया है, लेकिन सिंचाई अधिकारी गंभीर नहीं है। यमुना का बुरा हाल है। सरकार के प्रयासों पर पानी फिर रहा है। अब दो दिन से मसानी नाला सीधे यमुना में समाहित हो रहा है।

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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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