हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन चौराहे पर कुछ युवतियां नए-नए युवाओं को निशाना बनाकर पार्ट-टाइम काम के लिए पंफलेट थमा रही थीं। इनमें कंपनी का नाम, पता और कार्यालय आदि की कुछ जानकारी नहीं थी। सिर्फ पार्ट टाइम ऑनलाइन काम और मोबाइल नंबर लिखा था। पंफलेट बांटने वाले भी काम की प्रकृति नहीं बता पा रहे थे। युवाओं से कहा जा रहा था कि फोन करने पर ऑनलाइन काम मिलेगा। बातचीत के शुरुआती चरण में ही आधार और पैन कार्ड की मांग की जा रही थी। गोवर्धन चौराहे पर युवाओं ने जब इस संदिग्ध गतिविधि पर सवाल उठाए और जानकारी जुटाई तो ठोस जवाब नहीं मिले। मामला एसएसपी श्लोक कुमार तक पहुंच गया। उन्होंने साइबर थाना प्रभारी रफत माजीत को सक्रिय किया और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। साइबर सेल ने तीन दिन तक मोबाइल नंबर से संपर्क किया। इसके बाद सोमवार को पार्ट टाइम काम देने वालों ने विकास बाजार स्थित अपर्णा टावर पर इंटरव्यू को बुलाया। टीम के सदस्य वहां पर पहुंच गए। यहां पर काफी संख्या में युवक और युवतियां उपस्थित थे। दोपहर पौने तीन बजे साइबर थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने दबिश दी। साइबर थाना प्रभारी रफत माजीत ने बताया कि प्रथमदृष्टया जांच में ऑनलाइन टेली मार्केटिंग का कार्य निकला है। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से डिजिटल उपकरण, रजिस्टर और संदिग्ध कागजात लेकर जांच कराई जा रही है। जिले के कुछ गांव देश भर में लोगों से ठगी की वारदातें करके कान्हा की धार्मिक नगरी को बदनाम कर रहे थे। पुलिस ने 11 दिसंबर को गोवर्धन के गांव देवसेरस, मुड़सेरस, मड़़ौरा और नगला अकातिया को एक साथ घेरकर बड़ी कार्रवाई की। इसके बाद देवसेरस में अस्थाई चौकी खोली गई। ठगों पर फिर बड़ा प्रहार करते हुए एसएसपी ने जिले के 21 थानों में टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट उप निरीक्षक किए हैं, जो बीटेक डिग्रीधारी के साथ ऑनलाइन टेक्नोलॉजी, साइबर क्राइम, काल डिटेल एनालिसिस और डिजिटल ट्रैकिंग में विशेषज्ञ हैं। एसएसपी श्लोक कुमार ने युवाओं से अपील की है कि बिना पुख्ता जानकारी के किसी को भी आधार-पैन या ओटीपी साझा न करें। बिना आफिस, बिना वैध पहचान और अस्पष्ट काम का प्रस्ताव मिलने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें। पुलिस ऐसे हर संदिग्ध नेटवर्क पर नजर बनाए हुए है।
