हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वेटरनेरी के दो छात्रों से ली गई धनराशि वापस करने के आदेश जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दिए हैं। ये आदेश एसएम कॉलेज ऑफ वेटरनेरी साइंस एंड एनिमल रिसर्च पाली डूंगरा सौंख रोड, वर्तमान केएम मेडिकल एंड हॉस्पिटल तथा एसएम कॉलेज ऑफ एजुकेशनल को दिए हैं। अलीगढ़ जिले की इगलास तहसील के गांव सीतापुर निवासी मनु तिवारी और लालपुर के राहुल चौधरी ने सौंख रोड पर पाली डूंगरा स्थित एमएस कॉलेज ऑफ वेटरनेरी कॉलेज में प्रवेश लिया। मनु तिवारी ने 26 फरवरी 2009 को प्रवेश शुल्क के लिए 1.50 लाख, 5.45 लाख अन्य शुल्क, 60 हजार रुपये परीक्षा शुल्क तथा एक लाख रुपये डोनेशन के रूप में कॉलेज में जमा कराए। इसी तरह राहुल चौधरी ने 2 लाख रुपये प्रवेश शुल्क, एक लाख रुपये अन्य शुल्क, दो वर्ष के लिए 1.40 लाख रुपये छात्रावास शुल्क, 60 हजार रुपये नकद तथा एक लाख रुपये की डीडी परीक्षा शुल्क के रूप में जमा की। इधर 6 अक्तूबर 2010 को राज्यपाल ने कॉलेज की संबद्धता समाप्त कर दी। इससे छात्रों की द्वितीय और तृतीय वर्ष की परीक्षा नहीं हुई। छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन से धनराशि वापस मांगी तो इंकार कर दिया गया। इस पर दोनों छात्र ने 27 अगस्त 2016 को जिला उपभोक्ता एवं विवाद प्रतितोष आयोग में वाद दायर किया। 2 मई 2018 को कॉलेज के प्रबंधक किशन चौधरी ने जवाब दाखिल कि छात्रों ने कोई भी धनराशि जमा नहीं की है। राज्यपाल द्वारा कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लंबित है। मामले की सुनवाई जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष नवनीत कुमार और छवि सिंघल की बेंच ने की। बेंच ने कॉलेज प्रबंधन को दोषी मानते हुए दोनों छात्रों द्वारा जमा की गई धनराशि 14.95 लाख रुपये वापस करने, 4 लाख रुपये छात्रों को मानसिक पीड़ा एवं शैक्षणिक भविष्य का नुकसान करने तथा 60 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में देने का आदेश दिया है। कॉलेज प्रबंधक किशन चौधरी ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। आयोग ने छात्रों के पक्ष में एकतरफा फैसला सुनाया है। इसको लेकर राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग दिल्ली में अपील दायर की जाएगी।
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Author: Vijay Singhal
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