हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विक्ट्री मास्टर
मथुरा। आग की लपटों के बीच चीखते-चिल्लाते बच्चों की जान बचाने वाली पार्वती के शव की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पार्वती के बेटों ने एक सप्ताह पहले डीएनए जांच के लिए पासपोर्ट दिया था। अब रविवार वाली रिपोर्ट या लखनऊ वाली रिपोर्ट में उनके हस्ताक्षर होने की संभावना है। यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को भीषण दुर्घटना का शिकार हो गया। वह झील के रथ की रहने वाली थी। वह अपने बच्चे प्राची (12) और सनी (8) के साथ डबल डेकर बस से अपने पति गोविंद के पास जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में वह दुर्घटना का शिकार हो गई, लेकिन इस दुर्घटना में उन्होंने दोनों बच्चों को बचा लिया। बस की खिड़की के कांच के खिलौने बच्चों को बाहर निकाल दिए गए, जबकि खुद आग के लैपटॉप में फंस गए और जिंदा जल गए। हालांकि उनके शव की पहचान के लिए उनके बेटे सनी का पासपोर्ट लिया गया है। पहली रिपोर्ट में 10 मृतकों के अवशेष हो गए हैं, लेकिन इस सूची में उनका नाम नहीं है। अब पार्टी लखनऊ में वाली डीएनए जांच या रविवार को आगरा से आने वाली डीएनए रिपोर्ट से उम्मीद लगा रही है। दोनों की रिपोर्ट आने के बाद भी उनके शव की पहचान हो गई।
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Author: Vijay Singhal
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