हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। यमुनाएक्सप्रेस पर सोमवार देर रात दो बजे घने कोहरे में हुए भीषण हादसे की जांच शुरू हो गई है। इसमें सात बसें और तीन कारें जलकर राख हो गई थीं। अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हैं। हादसे के बाद गठित जांच दो जांच टीमों ने घटनास्थल पर पहुंचकर वहां के हालात देखे। हादसे के कारण तलाशे और देवदूत बनकर हादसे के बाद मदद को आए ग्रामीणों के बयान लिए। अब उन वाहन चालकों को बुलाया गया है, जो हताहत हुए थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद यमुना विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन की ओर से टीम गठित की गई है। इसमें जिला प्रशासन की छह सदस्यीय टीम में एडीएम प्रशासन अमरेश कुमार, एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अजय सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन राजेश राजपूत शामिल हैं। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के परियोजना महाप्रबंधक राजेंद्र सिंह और जेपी इंफ्रा लिमिटेड के महाप्रबंधक (आपरेशन) आनंद सिंह भी शामिल हैं। इस टीम के अलावा एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ के अनुरोध पर मानेसर की इंस्टीट्यूट आफ रोड सेफ्टी की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। इस टीम की अगुवाई इंस्टीट्यूट की एचओडी डा. श्रुति ने की। उनके साथ फोरेंसिक एक्सपर्ट अनुभव भी रहे। दोनों टीमों ने आपस में वार्ता की। यहां एक्सप्रेसवे के किनारे पड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की फोटो ली। इंस्टीट्यूट आफ रोड सेफ्टी की टीम दो दिन तक घटना के कारण तलाशेगी। इस दौरान हादसे का शिकार हुए वाहन चालक और परिचालकों के भी बयान लेगी। बुधवार को टीम ने हादसे के बाद पुलिस के साथ पीड़ितों की मदद करने वाले स्थानीय निवासी योगेश सिकरवार, भगवान स्वरूप, मांगेलाल, शनि सिकरवार, बंटी, सत्यवीर, गौरव, रवि, सोनवीर, योगेश प्रेमवीर के बयान लिए। उन्होंने बताया कि अभी इस संबंध में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पूरी जांच होने के बाद वह रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेजेंगी।
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Author: Vijay Singhal
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