हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कृष्णचंद्र गोस्वामी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में धार्मिकता व्यवसायिकता में परिवर्तित हो गई है और वृंदावन नव वृंदावन का रूप ले रहा है। पूर्व में जिन संतों ने वृंदावन वास किया, वह वैभव छोड़ कर ब्रज के भाव को हृदय में धारण कर आए। आज लोग वैभव भाव के साथ वृंदावन आ रहे हैं। यह विचार उन्होंने ब्रज संस्कृति शोध संस्थान में चिताएं एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित संगोष्ठी में व्यक्त किए। मुख्य अतिथि डॉक्टर ब्रजेंद्र सिंहल ने कहा कि भाव का उज्ज्वल रूप ही भक्ति है। ब्रज संस्कृति शोध संस्थान के सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी ने कहा कि ब्रज के स्वरूप को बचाने के लिए प्रयास होना आवश्यक है। संगेाष्ठी में योगेंद्र छोंकर, गौरव गोस्वामी, डॉ.हर्षवर्धन, सुधीर शुक्ला, डॉ, भगवतकृष्ण नांगिया, जय किशोर गोस्वामी आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस बीच श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली नीलम गोस्वामी को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रसभारती संस्थान के निदेशक डॉ.जयेश खंडेलवाल, सुरेश चंद्र शर्मा, डॉ.राजेश सेन, यश सोनी, गोविंद शरण शर्मा, विश्वजीत दास, ब्रजगोपाल चित्रकार,कमलेश्वर शर्मा आदि उपस्थित थे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
