हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। ललितपुर के जिला अस्पताल में नौकरी कर रहा फर्जी चिकित्सक अभिनव सिंह मथुरा के केडी मेडिकल कॉलेज में अपने जीजा डॉ. राजीव गुप्ता के शैक्षणिक व आधार सहित अन्य दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर चुका है। बाद में एक गुप्त सूचना पर सीबीआई ने उसे मार्च, 2019 में गिरफ्तार किया था। वह कस्टम विभाग से गबन करके भागा था और उसे सजा भी हुई थी।
ललितपुर मेडिकल कॉलेज में बतौर कॉर्डियोलॉजिस्ट तीन साल से नौकरी कर रहे अभिनव सिंह की बहन ने शिकायत की थी कि वह उनके पति (डॉ. राजीव गुप्ता) के प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहा है। इस शिकायत के बाद अभिनव सिंह इस्तीफा देकर गायब हो गया। दरअसल, कस्टम विभाग से बर्खास्त अभिनव सिंह केडी मेडिकल कॉलेज में जनरल मेडिसिन विभाग में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर तैनात रहा था। तब उसने डॉ. राजीव गुप्ता के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के अलावा आधार, पैन कार्ड जैसे सभी दस्तावेज भी इसी नाम से जमा किए थे। यहां तक कि उसका असली नाम सीबीआई द्वारा गिरफ्तार करने के बाद ही जानकारी में आया था। शातिर ने अपने बच्चों तक के नाम बदल दिए थे। सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद न्यायालय में उसका मुकदमा विचाराधीन चल रहा था। कस्टम विभाग से करीब 4.28 करोड़ रुपये का गबन करने के बाद लगभग 20 साल तक फरार रहा था। इसके बाद उसे मथुरा से ही पकड़ा गया था। यह प्रमाण पत्र अभिनव ने अपने जीजा के लगाए हैं। अभिनव के जीजा डॉ. राजीव गुप्ता अमेरिका में चिकित्सक हैं। अब ललितपुर में मामला प्रकाश में आने के बाद से फिर से उसका नाम चर्चा में आया है। वह काफी समय तक यहां एमबीबीएस के छात्रों को पढ़ाता रहा था। इस संबंध में केडी मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन मनोज अग्रवाल का कहना है कि अभिनव सिंह डॉ. राजीव गुप्ता के दस्तावेजों के आधार पर ही कॉलेज में नियुक्त किया गया था। वह मेडिसिन विभाग में तैनात रहा था। सीबीआई ने जब उसकी गिरफ्तारी की तब उसकी असलियत सामने आई थी।
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Author: Vijay Singhal
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