हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा की धर्मनगरी वृंदावन में देशभर के पशु प्रेमियों ने कुत्तों के पक्ष में करुणा और तिरस्कार पर आक्रोश जताया। एक के अपराध की सजा पूरी प्रजाति को क्यों? इसी सवाल को लेकर देशभर से करीब 500 पशु प्रेमियों ने दिल्ली से सोमवार को शुरू की पदयात्रा वृंदावन पहुंची। पदयात्रियों ने नगर के गांधी पार्क में पशुओं को दी जा रही सजा का विरोध एवं उनके प्रति दया का भाव रखने का संदेश दिया। छह माह तक भारत भ्रमण पर निकले पदयात्री ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन कर कुत्तों के विरूद्ध कार्रवाई करने वालों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। यात्रा बुधवार सुबह काशी विश्वनाथ के लिए रवाना होगी। बिना किसी संगठन, झंडा या बैनर के नागरिक सहभागिता के रूप में चल रही यात्रा में शामिल पदयात्रियों ने कहा कि हालात इतने विडंबनापूर्ण हैं कि एक तरफ दुष्कर्म के आरोपी जमानत पर बाहर घूम रहे हैं और दूसरी ओर बिना किसी अपराध के बेजुबान कुत्तों को जेल और शेल्टर होम में बंद किया जा रहा है। एक तरफ गाय को माता कहते हैं दूसरी तरफ देश में गोवंश कट रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल पशुओं का मुद्दा नहीं बल्कि पूरे समाज के नैतिक पतन और संवेदना के संकट का सवाल है। हाउस आफ स्ट्रे एनिमल्स के संयोजक संजय महापात्रा ने कहा कि एक कुत्ते के काटने की सजा पूरी प्रजाति को नसबंदी और कैद देकर नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि कुत्तों को बंद कर दिया गया तो बिल्लियां, चूहे और कीड़े मकोड़े तेजी से बढ़ेंगे, जिससे प्राकृतिक चक्र टूटेगा और महामारी फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। समाज सेविका रेनू ने कहा कि अगर किसी ने उन्हें बिना शर्त प्रेम दिया तो ये जानवर ही थे। पशु अधिकार कार्यकर्ता प्रणव ग्रोवर ने आरोप लगाया कि भारत से कुत्तों और अन्य पशुओं के मीट का एक्सपोर्ट किया जा रहा है। पदयात्रा में अजय जो, जपनीत, एशली सूरी, अनाविल, आशीष सक्सेना, आशीष मल्होत्रा, ऋषि जैन, नरेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
