हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के चालक और परिचालक निजी पार्सल उठाकर न सिर्फ मोटी रकम कमा रहे हैं बल्कि यात्रियों की जान भी जोखिम में डाल रहे हैं। इतना ही नहीं सरकार को राजस्व का भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं निगम का आधिकारिक पार्सल कार्यालय लगभग सात माह से बंद पड़ा है। अधिकांश मार्गों पर चलने वाली रोडवेज बसों में चालक-परिचालक स्थानीय व्यापारियों और दलालों से पार्सल ले जाते हैं। तत्काल नकद के लेनदेन का कोई रिकॉर्ड भी नहीं रखा जाता है। कई बसों में तो भारी भरकम पार्सल तक लाद दिए जाते हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। दो दिन पूर्व एटा की एक बस में आतिशबाजी का सामान लाद दिया गया। इसे चालक ने बम समझ कर पुलिस को सूचना दे दी। बीडीएस की टीम ने मौका मुआयना किया तो मामूली आतिशबाजी निकली। नियमानुसार रोडवेज बसों में बिना अनुमति कोई पार्सल नहीं जा सकता है। पार्सल कार्यालय बंद होने का फायदा चालक व परिचालक उठा रहे हैं। अक्तूबर 2024 में परिवहन निगम ने प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक पार्सल कार्यालय खोला था। ये टेंडर दिल्ली की एवीजी लॉस्टिक कंपनी ने लिया था। कार्यालय में बैठा कर्मचारी पार्सलों की बुकिंग करके परिचालक को रसीद देता था। इसके बाद पार्सल को गतंव्य तक छोड़ा जाता था। ये व्यवस्था कुछ ही महीने चली। मई 2025 में कार्यालय बंद हो गया।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
