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पुरानी वक्फ संपत्तियों का नहीं मिल रहा रिकॉर्ड

ByVijay Singhal

Dec 3, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वक्फ बोर्ड की संपत्तियों का पंजीकरण पांच दिसंबर तक उम्मीद पोर्टल पर कराया जाना अनिवार्य है, लेकिन अब तक जनपद की 80 प्रतिशत संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है। अंतिम तिथि नजदीक आते ही वक्फ संपत्ति के मुतवल्लियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इनका कहना है कि दशकों पुराने कागजात इकट्ठा करने में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण वह अब तक संपत्ति का पंजीकरण कराने में नाकाम रहे हैं। परेशान मुतवल्ली दस्तावेज जुटाने के लिए तहसील और वक्फ बोर्ड समेत अन्य प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 920 वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। इनका पंजीकरण पांच दिसंबर तक उम्मीद पोर्टल पर होना है, लेकिन अब तक महज 20 प्रतिशत संपत्तियों का ही पंजीकरण हुआ है। वक्फ कॉर्डिनेटर शबनम कुरैशी का कहना है कि कई संपत्तियों के मुतवल्लियों की वर्षों पहले मृत्यु हो चुकी है, जिससे इन संपत्तियों के रिकॉर्ड जुटा पाना लोगों के लिए मुश्किल हो रहा है। मुतवल्लियों से कई तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, जिसमें वक्फनामा, खसरा खतौनी, नक्शा प्रमुख हैं। कई संपत्तियों के रिकॉर्ड लोकल स्तर पर मौजूद नहीं हैं। संबंधित लोग लखनऊ स्थित वक्फ बोर्ड कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। पंजीकरण करते समय पोर्टल पर संपत्ति की सभी दिशाओं से नाप-जोख का लेखा-जोखा मांगा गया है। साथ ही संपत्ति के वक्फ होने के भी दस्तावेज मांगे गए हैं। चूंकि संपत्ति सैकड़ों वर्ष पुरानी है, इसलिए दस्तावेज जुटाने में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। सदर बाजार में स्थित गुलाब शाह दरगाह का कोई दस्तावेज राजस्व रिकॉर्ड में नही हैं।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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