हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में जिन संत के संकल्प ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर के निर्माण की नींव रखी वही जब 14 वर्ष बाद अपने जन्मस्थान लौटे तो गांव करहला की गलियों से लेकर झूलबिहारी मंदिर तक भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने समय गंवाए अपने लाडले संत के दर्शन को दौड़ लगा दी। मंदिर के द्वार पर कदम रखते ही महंत नृत्य गोपाल दास का स्वागत श्रद्धा में भीगी पलकों, फूलों और जय श्रीराम के उद्घोष से किया गया। महंत के गांव आगमन पर वर्षों से इंतजार कर रहे ग्रामीण, साधु-संत और महिलाओं ने दर्शन पाकर स्वयं को धन्य किया। लगभग 30 मिनट के प्रवचन के दौरान महंत ने कहा कि जन्मभूमि पर लौटना आत्मा को वहां ले जाता है जहां साधक और साधना में कोई भेद नहीं रहता। उन्होंने हाथ उठाकर ग्रामीणों को आशीर्वाद दिया तो लगा मानो आकाश भी झुक गया हो। संत रामकुमार दास ने कहा कि हमारा सौभाग्य है महंत नृत्य गोपाल दास आज हमारे बीच विराजमान हैं। महंत के वाहन में बैठकर नारायण आश्रम वृंदावन रवाना होने तक ग्रामीणों की भीड़ साथ रही। इस मौके पर संत रामकुमार दास महाराज, रवि भारद्वाज, दूदू जादौन, सतीश खुशी, कृष्णा जादौन, राहुल फौजी, भरत पंडित आदि मौजूद रहे।
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