हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मथुरा जनपद ने 93 घटनाओं के साथ पराली दहन में प्रदेश में अव्वल स्थान बनाया है। यहां शनिवार को सैटेलाइट ने एक ही दिन में पराली दहन की 12 घटनाएं पकड़ी हैं। शुरु से ही कमोबेश मथुरा जनपद पहले स्थान पर बना हुआ है। धान की पराली जलाने पर एनजीटी एवं सरकारों के प्रतिबंध के बावजूद रोक नहीं लग पा रही है। इसकी सैटेलाइट से भी निगरानी कराई जा रही है। 15 सितंबर से शुरु हुई इसकी निगरानी में मथुरा जनपद शुरु से घटनाओं की संख्या में पहले स्थान पर बना हुआ है। यहां सैटेलाइट ने शनिवार तक पराली दहन की कुल 81 घटनाएं दर्ज हुई थीं। सैटेलाइट ने पराली दहन की 12 घटनाएं एक साथ सामने आई हैं। इसके साथ जिले का प्रदेश में पहला स्थान है। वहीं दूसरे स्थान पर शाहजहांपुर में 70, तीसरे स्थान पर पीलीभीत में 66, चौथे स्थान पर फतेहपुर में 62 घटनाएं हैं, वहीं अलीगढ़ में मात्र 49 घटना दर्ज की गई हैं। यहां अब तक 78 घटना के आरोपी 49 किसानों पर 3.475 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। उनसे 2.525 लाख रुपए वसूल चुके हैं, जबकि अब तक एक लेखपाल, एक ग्राम पंचायत सचिव एवं एक कृषि सहायक को निलंबित किया जा चुका है। इसकी रोकथाम के लिए विभिन्न थानों में पुलिस ने 116 किसान हिरासत में लिए थे। इनमें से 18 किसान का शांतिभंग में चालान किया है, जबकि पराली दहन में सात किसानों पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। छाता के एक गांव में पराली दहन रोकने पर नायाब तहसीलदार की टीम पर हमले के आरोप में कई किसानों पर विभिन्न आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उप कृषि निदेशक बसंत कुमार ने बताया कि अब तक पराली दहन की 93 घटनाओं के साथ मथुरा प्रदेश में पहले स्थान पर है। लगातार कड़ी कार्रवाई कर रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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