हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में शरद पूर्णिमा पर ठाकुरजी के दर्शन के लिए श्रीबांकेबिहारी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती है, लेकिन मंदिर में कमेटी और सेवायतों के बीच चल रही तनातनी शरद पूर्णिमा पर साफ दिखने को मिल गई। सुबह शृंगार आरती में दर्शन करने पहुंचे तो श्रद्धालुओं को पट बंद मिले। राजभोग सेवा में ही श्रद्धालु दर्शन कर पाए। राजभोग सेवा में दर्शन के ठाकुरजी का सिंहासन जगमोहन में लगाया गया था, इसलिए शृंगार आरती के सेवा के सेवायतों ने दर्शन को पट ही नहीं खोले। पट बंद करके ही अंदर आरती की गई। इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश है। दरअसल शरद पूर्णिमा के दिन मंदिर में दर्शन कराने में जो हुआ, वह इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गया। शृंगार आरती और राजभोग सेवा के सेवायतों के एकमत न होने के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं ने काफी परेशानी उठाई। श्रद्धालुओं सामना करना पड़ा, वह इंतजार में खडे़ रहे और उनका शृंगार आरती के दर्शन ही नहीं हो पाए। मंदिर के पट ही नहीं खोले गए। राजभोग सेवा में जब ठाकुर जी जगमोहन में आए तब श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। दरअसल हाईपावर्ड कमेटी ने सुबह और शाम को ठाकुर जी के दर्शन जगमोहन में कराने को आदेश दिया था लेकिन सेवायत गौरव गोस्वामी ने इस आदेश का विरोध कर दिया। पिछले दिनों प्रेसवार्ता कर उन्होंने जानकारी दी कि वह शृंगार आरती में गर्भगृह से ही दर्शन कराएंगे। उसके बाद डीएम सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार श्री बांकेबिहारी मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने सेवायतों से बात की। लेकिन सेवायत एकमत नहीं हुए तो उन्होंने कह दिया कि मंदिर में कोर्ट के आदेश के अनुसार जिसे जैसे करना है, वह करें। आदेश का पालन करना है या नहीं, यह उनका खुद निर्णय है। रात को मीटिंग के बाद राजभोग सेवा के डा. फ्रैंकी गोस्वामी ने कहा कि वह ठाकुर जी को जगमोहन में विराजेंगे जबकि शयन भोग के सेवायत गौरव गोस्वामी ने कहा कि वह गर्भगृह से ही दर्शन कराएंगे। लेकिन शृंगार आरती के दौरान मंदिर के पट बंद रहे। सुबह राजभोग की सेवा मंदिर में सुबह 8:27 बजे दर्शन हो पाए।
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Author: Vijay Singhal
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