हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। नवरात्र पर्व शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। 22 सितंबर से नौ दिनों तक चलने वाले शक्ति उपासना पर्व के लिए बाजारों में रौनक बढ़ गई है। मां दुर्गा, मां सरस्वती और काल भैरव की मूर्तियां बनाने में कारीगर जुटे हैं। देवी मां की मूर्तियां को सात रंगों से सजाकर तैयार कर रहे हैं। बाजार में इको-फ्रेंडली मूर्तियों की खास मांग देखने को मिल रही है। माता की मूर्तियां बनाने में स्थानीय कारीगर रामकिशोर की तीसरी पीढ़ी इस कार्य में लगी है। उनके साथ अन्य प्रदेशों से आए कारीगर भी मिट्टी, बांस, कपड़ा और प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करके सुंदर मूर्तियां तैयार कर रहे हैं। मूर्तियों की कीमत 50 रुपये से लेकर 8 हजार रुपये तक है। घरों में स्थापना के लिए छोटी-छोटी मूर्तियां खास पसंद की जा रही हैं, वहीं पूजा समितियां बड़े-बड़े पंडालों के लिए विशाल मूर्तियों की बुकिंग करा रही हैं। मूर्ति निर्माता घनश्याम ने बताया कि इस साल लोगों की पहली पसंद इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं हैं, क्योंकि नदियों और तालाबों में विसर्जन के बाद प्रदूषण का खतरा कम होता है। वहीं कारीगर दुर्गाशंकर का कहना है कि मिट्टी और प्राकृतिक रंगों से बनी मूर्तियां ज्यादा सुंदर व टिकाऊ भी होती हैं। बाजार में बढ़ती मांग के चलते कारीगर दिन-रात मूर्तियां तैयार करने में जुटे हैं। कुछ कारीगरों ने बताया कि इस साल बुकिंग समय से पहले हो गई है। छोटे-छोटे आकार की मूर्तियां 50 से 2500 रुपये तक में आसानी से उपलब्ध हैं, जबकि बड़े आकार की आकर्षक प्रतिमाओं की कीमत 6 से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि 4 इंच से लेकर 7 फीट तक मूर्तियां वह बना रहे हैं। घरों में स्थापित करने के लिए लोग डेढ़ फीट तक ले रहे हैं। वहीं पंडाल में तीन से 7 फीट की मूर्तियां स्थापित होगी उनकी भी मांग बढ़ी है।
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Author: Vijay Singhal
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