हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में धीरे-धीरे जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है। 24 घंटे में एक फीट पानी नीचे उतर गया है। शनिवार की दोपहर यमुना खतरे के निशान से नीचे होगी। बाढ़ प्रभावित मार्ग पर भरे पानी में भी कमी आई है। शेरगढ़-नौहझील मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। पानीगांव मार्ग से भी पानी नीचे उतर गया है। यमुना की खादर में अब भी पानी भरा है, लेकिन कमी आई है। अब यमुना का रौद्र रूप शांत हो रहा है। गुरुवार की शाम यमुना का जलस्तर 166.69 मीटर पर पहुंच गया था। 24 घंटे में शुक्रवार शाम छह बजे तक यमुना का जलस्तर घटकर 166.34 मीटर पहुंच गया। शनिवार की दोपहर तक यमुना खतरा के निशान 166 मीटर के नीचे पहुंचने की उम्मीद है। तीन दिन से यमुना के जलस्तर में आ रही कमी के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में हालात अब सामान्य होने लगे हैं। स्वामी घाट पर अब गंदगी बिखरी नजर आ रही है। विश्राम घाट पर भी एक फीट की कमी आई है। यमुना की खादर में भी पानी कम हुआ है। प्लाट व कुछ गलियों में अब भी पानी भरा है। जलस्तर में आई कमी के कारण शेरगढ़-नौहझील मार्ग पर भरे पानी के बहाव में कमी आई है। भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। पानीगांव से भी पानी उतर गया। इससे लोग राहत महसूस कर रहे हैं। जलस्तर में कमी आने के साथ ही प्रशासन अब राहत सामग्री के पैकेट वितरित करने में जुट गया है। जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को गांवों में जाकर राहत सामग्री के पैकेट बंटवाए जा रहे हैं। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने क्षेत्रीय पार्षद राकेश भाटिया, पार्षद पति चौधरी तिलकवीर सिंह आदि पार्षदों के साथ बाढ़ प्रभावित जयसिंहपुरा क्षेत्र में रोजमर्रा के सामान व दवाओं की किटें बांटी। शेरगढ़ के जंघावली गांव के मुस्लिम समाज के लोगों ने जयसिंहपुरा में बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री के पैकेट वितरित किए।
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Author: Vijay Singhal
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