हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बाढ़ के हालात हर गुजरते दिन के साथ और विकराल होते जा रहे हैं। रविवार रात को दो बजे के करीब यमुना का जलस्तर बढ़ा तो लक्ष्मीनगर क्षेत्र की आधा दर्जन कॉलोनियाें में पानी घुस गया। वहीं नौ गांवों में भी पानी घुस गया। जलस्तर बढ़ने से मथुरा के ईसापुर, अयोध्यानगर, लक्ष्मीनगर, हंसगंज, तिवारीपुरम समेत अन्य कई कॉलोनियों में पांच फीट तक जलभराव हो गया।
वहीं दूसरी तरफ यमुना का जलस्तर दिन में कम होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। सोमवार को शाम छह बजे यमुना का जलस्तर तीन सेंटीमीटर गिरकर 167.64 सेंटीमीटर पर आ गया। हालांकि, यह खतरे के निशान से अब भी डेढ़ मीटर से अधिक ऊपर है। हालांकि सोमवार को हथिनीकुंड बांध से 37 हजार क्यूसेक और ओखला से 84 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से अब राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मथुरा में बाढ़ के हालात काबू करने के लिए गोकुल बैराज से 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रिफाइनरी गांव बाद में बाढ़ के पानी में डूबने से आठ भैंसों की मौत हो गई है। सोमवार शाम 5 बजे गांव निवासी योगेश पहलवान के बाड़े में बाढ़ का पानी भर गया। उन्होंने पानी में बंधी भैंसों को ऊंचे स्थान पर ले जाने के लिए खोला, इतने में भैंस बरेली हाईवे के निकट खाई में घुस गईं। जहां वे गहरे पानी में डूब गईं। आठों भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। पशु पालक को कई लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बाढ़ के चलते मथुरा में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह के आदेश पर जिला विद्यालय निरीक्षक रवींद्र सिंह ने मंगलवार को भी कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।मथुरा के मसानी क्षेत्र में यमुना से जुड़ा नाला व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। नाले में लौट रहा बाढ़ का पानी व्यापारियों के गोदामों में भर रहा है। इससे व्यापारी परेशान हैं, लेकिन उन्हें अब तक प्रशासन ने राहत देने के लिए कोई कार्य नहीं किया। शहर के बीचों बीच मसानी क्षेत्र में बसे मिडलैंड कंपाउंड में कंपनियों के गोदाम बने हुए हैं। यहां बड़े व्यापारियों का करोड़ों का माल स्टॉक रहता है।
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Author: Vijay Singhal
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