हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सारी उम्र निरक्षरता के अंधेरे में रहने वाले बुजुर्गों की जिंदगी की शाम अक्षरों के उजाले से रोशन हो रही है। साक्षर होने की चमक उन बुजुर्गों की आंखों में जिंदगी की सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में चमकती नजर आती है। नव भारत साक्षरता अभियान वर्ष 2023 में शुरू हुआ था। हर साल मार्च और सिंतबर माह में इसकी परीक्षाएं आयोजित कराई जाती हैं। अब तक जिले में 16,673 निरक्षर को साक्षर बनाया जा चुका है। गांव-गांव में आयोजित शिविरों में न केवल युवा, बल्कि बुजुर्ग भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। कई बुज़ुर्ग, जो अब तक कलम और कागज से दूर रहे थे, पहली बार अपना नाम लिखते समय भावुक हो उठे। बलदेव की महिला रानी देवी (65) ने पहली बार अपना नाम लिखा तो कहा कि हम अंगूठा नहीं, अब नाम से पहचाने जाएंगे। वहीं कई बुज़ुर्गों ने कहा कि आज उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी मिली है। इनको पढ़ाने के लिए 95 नोडल सेंटर बनाए हैं, जहां 80 से अधिक वालंटियर लगाए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रवींद्र सिंह ने बताया कि नव भारत साक्षरता अभियान का उद्देश्य हर व्यक्ति को पढ़ना-लिखना सिखाना है, चाहे उसकी उम्र कुछ भी हो। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ अक्षरज्ञान ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी देता है।
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Author: Vijay Singhal
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