हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन शोध संस्थान में आठ दिवसीय सांझी महोत्सव 2025 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर ब्रज की सांझी और विविधताएं विषयक संगोष्ठी, प्रदर्शनी और सांझी विवरणिका लोकार्पण तथा विभिन्न प्रकार की सांझियों का प्रस्तुतिकरण किया गया। इस दौरान पद्मश्री कृष्णा कन्हाई चित्रकार ने कहा कि ब्रज की सांझी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। मुख्य वक्ता डाॅ.नृत्य गोपाल ने बताया कि सांझी कला साहित्य, संगीत एवं प्रस्तुतिरण तीनों क्षेत्रों में अभिव्यक्त होती है। श्रीहित विशाल लाल गोस्वामी ने कहा कि सांझी में पूर्ण उत्साह एवं तन्मयता के साथ राधाकृष्ण की नित्य विहार से संबंधित लीलाओं का चित्रण किया जाता है। कार्यक्रम अध्यक्ष डाॅ. नटवर नागर ने कहा कि सांझी एक अनुष्ठान है। डाॅ. ब्रजभूषण चतुर्वेदी, अशोक एवं भगवानदास द्वारा सांझी गीत प्रस्तुत किए गए। वनस्थली विद्यापीठ की शोध छात्रा मुस्कान अग्रवाल के द्वारा सांझी परंपरा का प्रस्तुतिकरण दर्शाया गया। राजकीय उमा विद्यालय भद्रवन (मांट) से आई डाॅ. रोली तिवारी एवं उनकी छात्राओं के द्वारा गोबर निर्मित सांझी का प्रस्तुतिकरण किए जाने के साथ ही सांझी लोक गीत का प्रस्तुतिकरण किया गया। अतिथियों का स्वागत शासी परिषद सदस्य उदयन शर्मा ने किया। कार्यक्रम का समन्वय एवं संचालन डाॅ. राजेश शर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान श्री रंगनाथ मंदिर के सीईओ अनघा श्रीनिवासन, श्रीहित सुकृतलाल गोस्वामी, पं. उदयन शर्मा, चंद्रप्रताप सिंह, सुमनकान्त पालीवाल, डाॅ. गोविन्दकृष्ण पाठक, आचार्य अम्बरीश भट्ट गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
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