हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में 2016 की भर्ती में फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाना तीन अनुदेशकों को भारी पड़ गया। प्रथम जांच में अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर निदेशालय ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर दिया है। अब विभागीय स्तर पर दूसरी जांच बैठाई जाएगी। राजकीय आईटीआई गोवर्धन में तैनात मानवेंद्र सिंह और आनंद कुमार का चयन अनुदेशक के पद पर हुआ था। चयन प्रक्रिया के दौरान अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। नियुक्ति के कुछ समय बाद ही दस्तावेजों को लेकर संदेह जताया गया। इस पर आईटीआई प्रशासन ने प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच कराई। जांच में दस्तावेज फर्जी साबित हुए। रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई, जिसके बाद निदेशक ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। आईटीआई प्रशासन का कहना है कि सरकारी संस्थानों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में विभाग सख्त रुख अपनाएगा। आरोप साबित होने पर आगे बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है। गोवर्धन आईटीआई प्राचार्य गगन पोदार ने बताया कि दो अनुदेशकों पर विभागीय कार्रवाई हुई है। दोनों को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा नंदगांव आईटीआई में तैनात तरुण कुमार ने भी फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर अनुदेशक के पद पर नौकरी ली थी। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। तरुण को भी निलंबित कर दिया है।
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Author: Vijay Singhal
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