हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। हथिनीकुंड से अधिक मात्रा में छोड़े गए पानी के बाद जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने आपातकालीन बैठक बुलाई। सभी अधिकारियों से अलर्ट रहने और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में की जाने वाली विभिन्न व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। यह पानी चार से छह सितंबर तक मथुरा में पहुंचेगा। इससे यमुना का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंच जाएगा।
डीएम ने जिले के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों सहित सभी उप-जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव में जाकर बैठक करें। ग्राम स्तर पर टीम बनाई जाए, जिसमें पंचायती राज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग, विद्युत विभाग, विकास विभाग आदि के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को तैनात किया जाए। सभी बाढ़ प्रभावित ग्रामों को चिन्हित करते हुए वहां पर टीम लगाई जाएं। सीएसओ को बाढ़ क्षेत्र में एंबुलेंस व मेडिकल टीम को तैनात करने के निर्देश हैं। जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित करते हुए परिवारों एवं पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की व्यवस्था करें। सभी के खाने, रहने, और व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्ति करें। ताकि हालात बेकाबू होने के बाद भी किसी को कोई परेशानी न हो सके।
यमुना में जलस्तर बढ़ने से उपजे बाढ़ के हालातों की निगरानी के लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है। कंट्रोल रूम में मौजूद स्टाफ लगातार जलस्तर की रिपोर्ट तैयार करता है, साथ ही आने वाले खतरे से भी संबंधित अधिकारियों को अवगत कराता है। इसके साथ ही बाढ़ वाले क्षेत्र जैसे नौहझील, शेरगढ़, वृंदावन आदि में एसडीएम भी निरीक्षण कर स्थितियों का जायजा ले रहे हैं। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा करने के साथ ही उन तक राहत सामग्री भी पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
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