हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गोवर्धन में अटूट श्रद्धा और भक्ति से जुड़े राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले का परंपरागत रूप से समापन मुड़िया शोभायात्रा के साथ हो गया। सात दिन में तलहटी में पहुंचे डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने सप्तकोसीय परिक्रमा लगाकर गिरिराज महाराज के दर्शन किए। वहीं भीड़ के चलते प्रशासनिक दृष्टि से मेले में व्यवस्थाएं आज भी सुचारू रहेंगी। वहीं पूर्णिमा की पूर्व रात्रि को भीड़ के कारण संकरे रास्तों से परिक्रमा को डायवर्ट कर दूसरी जगह से निकालना पड़ा। गिरिराज महाराज की 21 किलोमीटर की परिक्रमा मार्ग ही नहीं आसपास कई-कई किलोमीटर तक श्रद्धालुओं की मानव शृंखला दिखाई दे रही थी। भीड़ के के कारण मुख्य मंदिरों में श्रद्धालु पूजा व दर्शन भी नहीं कर पाए। इस बार मुड़िया पूर्णिमा मेला 4 जुलाई से आरंभ हुआ जो बृहस्पतिवार को समाप्त हो गया। इस दौरान श्रद्धा व आस्था लेकर देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने गिरिराज महाराज की परिक्रमा कर मन्नत मांगी। सात दिन तक गिरिराज तलहटी गिरिराज महाराज व राधे-राधे के के जयकारों से गुंजायमान रही। बृहस्पतिवार को मानसी गंगा की परिक्रमा कर निकाली गई पारंपरिक मुड़िया शोभायात्रा के साथ मेले का समापन हो गया। वहीं भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं आज भी जारी रहेंगी। 50 किलोमीटर तक फैल जाता है मेला क्षेत्र भीड़ के कारण मेला क्षेत्र 50 किलोमीटर तक पहुंच जाता है। गोवर्धन पहुंचने वाले सभी संपर्क मार्गों के साथ आसपास के गांव, कस्बा व शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि पर भीड़ दिखाई देती है। गोवर्धन पहुंचने के लिए श्रद्धालु निजी वाहन, रेलवे व बसों का सयारा लेते हैं। इस बार यूपी रोडवेज ने 1100 सौ बसों का संचालन किया। वहीं राजस्थान रोडवेज ने भी अतिरिक्त बसें लगाईं थीं। रेलवे विभाग ने स्पेशल ट्रेन, बुकिंग खिड़की आदि के इंतजाम किये। स्वयंसेवी संस्थाओं ने जगह-जगह भंडारे व प्याऊ लगाईं।
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Author: Vijay Singhal
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