हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। गर्मी और उमस ने अस्थमा मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 60 से 80 मरीज सांस संबंधी दिक्कतों के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में अस्थमा और सीओपीडी मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। जिला अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार को लगभग 860 मरीजों ने पंजीकरण कराया, जिनमें करीब 80 मरीज अस्थमा और सीने से जुड़ी तकलीफों से परेशान थे। चिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि गर्मी व उमस के कारण सांस लेने में दिक्कत, छाती में भारीपन, खांसी और जकड़न जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। कुछ मरीजों में गले में खराश, सिर दर्द, थकावट और कमजोरी की भी शिकायत सामने आई है।
उन्होंने बताया कि उमस के कारण पसीना ज्यादा आता है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। वहीं बलगम गाढ़ा हो जाता है, जिसे बाहर निकालना मुश्किल होता है। ऐसे मौसम में वायरस भी सक्रिय होते हैं, जिससे फ्लू के संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे मौसम में खुद को हाइड्रेट रखना और बाहर की धूल-धूप से बचना अस्थमा मरीजों के लिए जरूरी है। सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
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Author: Vijay Singhal
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