हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भारतीय जनता पार्टी महानगर द्वारा महानगर के सभी 12 मंडलों में राष्ट्र की एकता और अखंडता की रक्षा हेतु अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले माँ भारती के अमर सपूत, भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मंडलों में विचार गोष्ठियों का आयोजन कर डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया। राधाकुंड एवं गोवर्धन मंडलों में आयोजित गोष्ठी में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं मथुरा-वृंदावन क्षेत्र के वर्तमान विधायक श्रीकांत शर्मा ने सहभागिता की। गोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रीकांत शर्मा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रतीक हैं। उन्होंने उस समय ‘एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे’ का उद्घोष किया, जब देश नाजुक दौर से गुजर रहा था। उनका बलिदान जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के संघर्ष का प्रतीक बन गया। आज हम जिस एक भारत की बात करते हैं, उसकी नींव डॉ. मुखर्जी ने अपने चिंतन और बलिदान से रखी थी। हमें चाहिए कि हम अपने संगठन, समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा उसी भाव से निभाएं, जिस भावना से उन्होंने अपने प्राण न्योछावर किए थे। इसी क्रम में भाजपा महानगर कार्यालय, जुबली पार्क में होली गेट मंडल द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें पूर्व भाजपा महानगर अध्यक्ष चेतन स्वरूप पाराशर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी न केवल एक महान शिक्षाविद् और प्रशासक थे, बल्कि वे भारतीय राजनीति के वो दीपस्तंभ थे जिन्होंने राष्ट्रवाद को एक नई दिशा दी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सिद्धांतों पर अडिग रहकर भी राष्ट्र की सेवा की जा सकती है। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए संगठन को मजबूत करना है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्यरत रहना है। डॉ. मुखर्जी का सपना था कि भारत एक सशक्त, समरस और आत्मनिर्भर राष्ट्र बने — यही सपना अब हमारा संकल्प बनना चाहिए। वहीं मीडिया प्रभारी श्याम शर्मा ने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए आत्ममंथन और संकल्प का अवसर है। आज का भारत जिन मूल्यों पर आगे बढ़ रहा है, उनमें उनका अद्वितीय योगदान है। उन्होंने देश की एकता के लिए जिस प्रकार प्राणों की आहुति दी, वह केवल इतिहास नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। हम सभी को चाहिए कि उनके बताए मार्ग पर चलकर न केवल पार्टी को मजबूत करें, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। मीडिया के माध्यम से हमें जन-जन तक उनके विचार और योगदान को पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी राष्ट्र के इन सच्चे नायकों को जान सकें और उनसे प्रेरणा ले सकें। इस गोष्ठी में कार्यक्रम संयोजक रोहित शर्मा रहे, जबकि संचालन नितिन चतुर्वेदी ने किया। इस अवसर पर पूर्व नगर महामंत्री होली गेट मंडल समन्वयक संजय शर्मा पूर्व महानगर उपाध्यक्ष योगेश आभा पार्षद विजय शर्मा पार्षद बालकिशन चतुर्वेदी श्याम शर्मा पार्षद तरुण सैनी कृष्णमणि सूबेदार राजेंद्र सिसोदिया ललित अग्रवाल विवेक शर्मा डॉ कृष्ण मोहन डॉ संतोष कुमार राजोरिया आशीष शर्मा अनिल गोला कृष्ण मुरारी सैनी ज्योति चतुर्वेदी आरती चतुर्वेदी गोविंद गोला प्रयागराज नाथ चतुर्वेदी अंकित चौधरी सुरेश पटेल अखिलेश गौतम आदि।
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Author: Vijay Singhal
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