हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। जिला कारागार में समाज सेवियों द्वारा गर्म वस्त्र वितरित किए गए। दावानल बिहारी जी मंदिर वृंदावन के सेवायतों ने गर्म वस्त्र प्रदान किया। मंदिर के मनोहर दास महाराज तथा पल्लू उर्फ परशुराम उपाध्याय के द्वारा गर्म बनियान, गर्म शॉल महिला बंदियों के लिए गर्म पाजामी तथा भजन करने के लिए एक म्यूजिक सिस्टम प्रदान किया। इस अवसर पर जेलर महाप्रकाश सिंह, उप जेलर करुणेश कुमारी, शिवानी यादव, अनूप कुमार लेखाकार व सीएम तिवारी आदि मौजूद रहे।
जैकेट में छिप गई खाकी की नेम प्लेट
ठंड के चलते खाकी के अधिकारियों को पहचानना मुश्किल हो रहा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी मथुरा रिफाइनरी संघ के पूर्व जनरल सेकेटरी राजेन्द्र कुमार गौतम ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि है कि गर्म जैकेट के कारण पुलिस अधिकारियों की पहचान नहीं हो पा रही है। उन्होेंने इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर भी की है। उन्होंने मांग की है कि गर्म जैकेट पर नाम के साथ ही पद भी लिखा होना चाहिए ताकि किसी को कोई भ्रम न हो।
ठंड से गायों का करें बचाव-डीपीआरओ
डीपीआरओ किरण चौधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही गोशालाओं का दौरा कर ठंड से गायों के बचाव करने को कहा है। उनके द्वारा ग्राम सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वह बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए तिरपाल, जूट के बोरे, पराली आदि का इंतजाम स्थानीय स्तर गायों को ठंड से बचाने के लिए करें। साथ ही गायों के स्थानों को टीन शेड से कवर किया जाये। पराली को नीचे बिछाने के लिए और प्रयोग किया जाए। इसी के साथ साथ टाट की बोरियों के माध्यम से झूल बना करके गायों को सुरक्षित किया जाए।
ठंड के चलते खाकी के अधिकारियों को पहचानना मुश्किल हो रहा है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के पूर्व कर्मचारी मथुरा रिफाइनरी संघ के पूर्व जनरल सेकेटरी राजेन्द्र कुमार गौतम ने मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उन्होंने बताया कि है कि गर्म जैकेट के कारण पुलिस अधिकारियों की पहचान नहीं हो पा रही है। उन्होेंने इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर भी की है। उन्होंने मांग की है कि गर्म जैकेट पर नाम के साथ ही पद भी लिखा होना चाहिए ताकि किसी को कोई भ्रम न हो।
ठंड से गायों का करें बचाव-डीपीआरओ
डीपीआरओ किरण चौधरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही गोशालाओं का दौरा कर ठंड से गायों के बचाव करने को कहा है। उनके द्वारा ग्राम सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वह बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए तिरपाल, जूट के बोरे, पराली आदि का इंतजाम स्थानीय स्तर गायों को ठंड से बचाने के लिए करें। साथ ही गायों के स्थानों को टीन शेड से कवर किया जाये। पराली को नीचे बिछाने के लिए और प्रयोग किया जाए। इसी के साथ साथ टाट की बोरियों के माध्यम से झूल बना करके गायों को सुरक्षित किया जाए।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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