हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ और संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा गोकुल के श्री कृष्णा इंटर कॉलेज में सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इसमें आरएसएस के विभाग प्रचारक मथुरा अरुण कुमार ने कहा कि इस कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले बुद्ध के जीवन दर्शन को समझ सकेंगे। उन्होंने कहा कि राजमहल के सुखों का त्याग कर सिद्धार्थ ने सत्य की खोज के लिए रात में पत्नी के पास सोते हुए बालक से भी मुंह मोड़ लिया। अपने पुत्र का नाम स्वयं सिद्धार्थ ने राहुल रखा था, जिसका अर्थ होता है बंधन। सिद्धार्थ को बंधन नहीं मुक्ति चाहिए थी। उन्होंने त्याग, तपस्या, तपोवन के माध्यम से बुद्धत्व को प्राप्त किया। बुद्ध का दर्शन संकल्प, त्याग और अध्ययन सतत मुक्ति मार्ग को प्रशस्त करता है। इस दौरान ललित कला अकादमी के सदस्य अनिल सोनी, वृंदावन विद्यापीठ के प्रधानाचार्य जोगेंद्र कुमार, चंद्रकांत गौड़, सुरेश सिंह, विधान चंद्र, लेफ्टिनेंट पवन कुमार, किशोरी श्याम कौशिक आदि मौजूद रहे।
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Author: Vijay Singhal
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