मथुरा। तापमान की अधिकता का सीधा असर खेतों में खड़ी मूंग और उड़द की फसल पर पड़ रहा है। किसानों को फसल को लेकर चिंता सताने लगी है। फसल में सिंचाई करने के लिए माइनर और रजबहा में पानी नहीं है। उधर, नलकूप की आपूर्ति किसानों को नहीं मिल पा रही है। जिले में इस साल किसानों ने 80 हेक्टेयर में मूंग व 280 हेक्टेयर में उड़द की फैसल तैयार की गई। अप्रैल में तापमान बढ़ने से किसानों को सिंचाई का डर सताने लगा है। किसानों का कहना है कि माइनरों और रजबहा में पानी नहीं आ रहा है। इसके अलावा नलकूप की आपूर्ति 24 घंटे में केवल 2 घंटे ही मिल रही है। तापमान बढ़ने के कारण फसल में नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि अप्रैल में ही मौसम ज्यादा गर्म हो गया। जिस फसल की 15 दिन में सिंचाई करनी चाहिए, वह पांच दिन में ही सूखने लगी। बार-बार फसल सूखने और फिर पानी देने के कारण फसल तो हरी भरी हो गई, लेकिन दाने प्रभावित हो जाएंगे। गढ़सोली के किसान केदार सिंह, रूपेश कुमार, चंद्रवीर भरंगर, अरुण, रामप्रकाश सिकरवार ने बताया कि फसल शुरू में जिस प्रकार दिख रही थी। उत्पादन उतना बेहतर नहीं होने की संभावना दिख रही है।
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Author: Vijay Singhal
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