हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मंदिर द्वारकाधीश में राजाधिराज बुधवार को स्वर्ण पालना में विराजमान होकर दर्शन देंगे। यह मनोरथ देश के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी के पुत्र अनंत अंबानी द्वारा कराया जा रहा है। इस आयोजन की तैयारी कर ली गई हैं। द्वारकाधीश मंदिर में वर्ष भर मनोरथ होते हैं। वर्ष भर मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगी रहती है। श्रद्धालु यहां मनोरथ कराते हैं। बुधवार को अनंत अंबानी के जन्मदिन को लेकर आयोजन होगा। इस बार अनंत ने जामनगर से द्वारका तक की पदयात्रा की है। वहीं यहां द्वारकाधीश मंदिर में स्वर्ण पालना का मनोरथ कराया है। बुधवार सुबह 8.25 से सुबह 8.40 बजे तक ग्वाल के दर्शन में ठाकुर द्वारकाधीश महाराज स्वर्ण पालने में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। मीडिया प्रभारी एड. राकेश तिवारी ने बताया कि बुधवार को आठों झांकी की पुष्प, पूजा व भोग सेवा अनंत अंबानी की तरफ से रहेगी। गर्मी की शुरुआत के साथ ही ठाकुरजी को शीतलता देने के लिए सेवायत ने सेवा में बदलाव किया है। भोग में गरिष्ठ पदार्थ और मेवा की मात्रा में कमी की गई है। मंगलवार से ठाकुरजी के लिए फूलबंगला सजाए गए। ठाकुरजी ने कामदा एकादशी पर पहले दिन फूलबंगला में विराजमान होकर दर्शन दिए। गृहमोहन से बाहर जगमोहन में विराजने के कारण मंदिर परिसर में हर कोने में खड़े श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन हुए, इससे वह आल्हादित हो उठे। ठाकुर बांकेबिहारी की भोगराग सेवा मौसम परिवर्तन के साथ बदलती रहती है। होली के बाद गर्मी की शुरुआत में ठाकुरजी के भोग में गरिष्ठ पदार्थों की मात्रा कम कर दूध, दही की मात्रा बढ़ा दी गई, भोग में अर्पित होने वाली मेवा की मात्रा में भी कमी कर दी गई है। ठाकुरजी को दर्शन देते समय शीतला बनी रहे, इसके लिए कामदा एकादशी से फूलबंगला सजाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार सुबह मंदिर के पट खुले तो जगमोहन में सजे फूलबंगला में विराजे ठाकुर बांकेबिहारी की झलक पाकर भक्त आल्हादित हो उठे। मंदिर परिसर बांकेबिहारी के जयकारे से गूंज उठा। मंदिर की व्यवस्था बनाने को सुरक्षा कर्मियों को दिनभर मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर की चहारदीवारी व आंगन में सुगंधित फूलों से बंगला सजाया गया था। शाम साढ़े पांच बजे मंदिर के पट खुले तो भक्तों की भीड़ एक बार फिर उमड़ पड़ी जगमोहन में कलात्मक तरीके से बनाए गए फूल बंगले में ठाकुरजी विराजमान होते हैं। सामान्य फूलबंगलों के लिए पुष्पों की आपूर्ति मथुरा या वृंदावन से ही हो जाती है। लेकिन, बड़े फूलबंगलों के लिए दिल्ली, अहमदाबाद, कोलकाता, बेंगलुरू तक से फूल मंगाए जाते हैं।
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Author: Vijay Singhal
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