हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। छोटी उम्र में बच्चों के कान में ईयर फोन या ईयरबड्स लगाना नुकसानदायक साबित हो रहा है। इससे बच्चों की बोलने की क्षमता तो क्षीण हो रही है साथ ही उनकी श्रवण शक्ति पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के मन कक्ष और ईएनटी विभाग की ओपीडी में प्रति सप्ताह ऐसे 10-15 अभिभावक बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। व्यस्तता के दौर में आजकल अधिकतर माता-पिता काम निपटाने के चक्कर में अपने बच्चों को मोबाइल से ईयरफोन कनेक्ट करके दे देते हैं। इसका प्रभाव उसके दिमाग और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसके आदि होने से उनकी बोलने और सुनने की क्षमता क्षीण हो रही है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ पांडे ने बताया कि यह समस्या कोरोना काल के बाद से अधिकतर बच्चों में देखी जा रही है। जो जन्म के बाद कुछ समय तो बोले, लेकिन उसके बाद उन्होंने बोलना बंद कर दिया। इसके कारण छोटी आयु में बच्चों का ईयरफोन का इस्तेमाल करना और बर्थ ट्रोमा, एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) आदि है। डेढ़ से ढाई वर्ष आयु के बच्चे इस तरह की बीमारी से ज्यादा ग्रसित हो रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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