हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। तंत्र क्रिया के नाम पर मानव तस्करी करने वाले गिरोह का एक आरोपी मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय में लाइब्रेरी और इन्फॉरमेशन साइंस का प्रोफेसर निकला है। इस मामले में पुलिस ने अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार कर गिरोह का भंडाफोड़ कर चुकी है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया तंत्र विद्या की आड़ में यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग की जाती थी। मथुरा की जीएलए यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह प्रोफेसर धनवर्षा गैंग का सदस्य है। प्रोफेसर तंत्र क्रिया के नाम पर लड़कियों की लंबाई फीते से नापता था, उनसे एक फॉर्म भरवाता था, उसके बाद उन्हें गैंग में शामिल करता था। आरोपी के मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक वीडियो, तस्वीरें और चैट्स मिली हैं। आरोपी के मोबाइल से मिले फॉर्म में हैरान करने वाले सवाल होते हैं। जो लड़कियों से भरवाए जाते थे, उसके बाद ही लड़कियों को गैंग में शामिल करा कर संभल से दिल्ली और जयपुर भेजी जाती थी। बताया जाता है कि शहर कोतवाली क्षेत्र के कृष्णा नगर स्थित शास्त्री नगर निवासी गिरफ्तार प्रोफेसर दशरथ सिंह सिसौदिया पत्नी और बेटी के साथ सोनू पचौरी के मकान में किराए पर सवा साल पहले रहने के लिये आये थे। इस मकान में दशरथ और उनके परिवार के अलावा अन्य किरायेदार भी रहते हैं। करतूत की जानकारी के बाद गली में सन्नाटा पसरा हुआ था। इससे पहले वह 20 साल से शास्त्री नगर में ही अलग अलग मकानों में किराए पर रहे हैं। इसी मकान में रहने वाली महिला पहले बात करने को तैयार नहीं हुईं। लेकिन बाद में महिला ममता ने बताया कि दशरथ और उनकी पत्नी का व्यवहार बहुत अच्छा था। कभी पति पत्नी में भी झगड़ा नहीं हुआ। उनका चाल चलन बहुत अच्छा था। ममता ने बताया कि क्या हुआ है क्या नहीं यह नहीं पता। जब पुलिस लेकर गई तो बहुत टैंशन तो हुई कि दशरथ को पुलिस क्यों पकड़ कर ले गई। पुलिस सिविल ड्रेस में आई थी दरवाजा खोला जिसके बाद पुलिस ने पूछा कि आगरा के बीएस त्रिपाठी को जानते हो। इसके बाद बातचीत हुई और फिर अपने साथ ले गए। जब न्यूज पेपर और चैनल में न्यूज देखी तो होश उड़ गये और पेरों तले जमीन खिसक गयी। प्रोफेसर का मासूम चेहरा और इतनी बड़ी गंदी हरकत करना।
