हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में परंपरा के अनुसार वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों में इस वर्ष संवत 2082 के फलादेश सुनाया जा रहा है। बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी को साल भर का लेखा-जोखा सुनाने के बाद राधारमण और राधावल्लभ मंदिर में यह फलादेश अपने आराध्य को सुनाया गया। यह फलादेश देश और दुनिया के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी देता है। छैल बिहारी गोस्वामी ने बताया कि संवत 2082 का वर्ष लग्न सिंह है और जगल्लग्न मीन है, जिसमें छह पाप ग्रह और चार शुभ ग्रह स्थित हैं। फलादेश के अनुसार, इस वर्ष देश की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों में कई उतार-चढ़ाव होंगे। खासकर राज्य और केंद्र सरकारों के बीच देश के विकास के लिए सहयोग की स्थिति रहेगी लेकिन विपक्षी दलों के लगातार विरोध और अवरोधों के कारण कई कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि विपक्षी दल सत्ता प्राप्ति के लिए कोई भी सीमा पार करने से पीछे नहीं हटेंगे जिससे राजनीतिक अस्थिरता और संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। तो विकसित देशों में सत्ता परिवर्तन की संभावना है। भारत के पश्चिम और पूर्वोत्तर राज्यों में जातीय और सामाजिक संघर्ष के बढ़ने की संभावना जताई गई है। हालांकि इस वर्ष उच्चस्तरीय शिक्षण संस्थान, चिकित्सालय, और धार्मिक संस्थाओं के निर्माण कार्यों में वृद्धि होगी। युवाओं के लिए रोजगारपरक योजनाओं की शुरुआत भी होगी। इस वर्ष देश की आर्थिक स्थिति में भी उतार-चढ़ाव देखा जाएगा। विदेशी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव रहेगा और शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल, डीजल और अन्य तरल पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। देश में न्यायालयों के फैसले और विवादों का प्रभाव बढ़ेगा, वहीं बैंकों की स्थिति कमजोर रहेगी। देश के पश्चिमोत्तर भाग में चक्रवाती प्रकोप अधिक रहेगा। वर्षा की अधिकता रहेगी।
उन्होंने बताया कि भारत का साहस बढ़ा-चढ़ा रहेगा व कठोर निर्णय लिए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत अपनी बात प्रखरता से विश्व के सामने रखेगा। वहीं, भारत को विपरीत परिस्थितियां भी झेलनी पड़ेंगी लेकिन अच्छा परिणाम भी होगा। वहीं, सिद्धार्थ संवत्सर 2082 के देवता श्री बुद्ध हैं। अतः इस वर्ष श्री बुद्ध व उनके मंदिरों से संबंधित उल्लेखनीय घटना घटित होने की संभावना है।
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Author: Vijay Singhal
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