हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। चैत्र शुक्ल पक्ष नवरात्र में नरी सेमरी मंदिर में देवी की पूजा लट्ठों से की जाती है। यह आयोजन 6 अप्रैल को नवमी के दिन होगा। छाता क्षेत्र के गांव नरी सेमरी स्थित मंदिर में विराजमान देवी मां की लट्ठ पूजा यदुवंशी समाज के लोग करते हैं। इस बार लट्ठ पूजा चैत्र मास के शुक्ल पक्ष नवमी यानि 6 अप्रैल को होगी। मान्यता है कि आगरा का ध्यानू (धांधू) भगत नगर कोट कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) वाली देवी मां का भक्त थे। पूजा से प्रसन्न होने पर मां ने उनसे वरदान मांगने को कहा। भगत ने मां से आगरा चलने का वर मांगा। देवी मां आगरा जाने के लिए राजी हो गईं, लेकिन शर्त रखी कि अगर भगत ने रास्ते में पीछे मुड़कर नहीं देखेंगे। नगर कोट से देवी माता भगत के पीछे आगरा के लिए चल दीं। ब्रज क्षेत्र में आकर भगत को आशंका हुई तो उन्होंने पीछे मुड़कर देखा। ऐसा करते ही देवी मां वहीं विराजमान हो गईं। यह स्थान छाता के गांव नरी सेमरी था। उस समय यहां घना जंगल था। क्षमा याचना के बाद भी मां दर्शन नहीं दिए। मंदिर के पुजारी सत्यपाल व गुपाल ने बताया कि चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी यानि 6 अप्रैल को देवी मां की लट्ठ पूजा होगी। लट्ठ पूजा के लिए जादौंन यदुवंशी समाज के नरी, सांखी, अलवाई, रहेड़ा आदि गांवाें के भक्त लाठी, फरसा, बल्लभ लेकर डीजे बाजे से मेला प्रांगण में प्रदर्शन करते हुए देवी के भवन पहुंचेंगे और लट्ठ पूजा करेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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