हिदुस्तान 24 टीबी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। मामला ऑफिसर्स कॉलोनी स्थित अधिकारियों के आवासों का है, जिन आवासों को 3 वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए खर्च करके छतों का स्लैब डालने आवासों में टाइल लगाने मरम्मत रंगाई पुताई आदि होने के बाद ऑफिसर्स कॉलोनी के उन्हीं आवासों में पुनः जर्जर हालत में दिखाते हुए लगभग तीन करोड़ 80 लाख के मरम्मत के नाम पर शासन से धनराशि प्राप्त कर निविदाओं को आमंत्रित कर लिया गया
जो इसी माह 18 मार्च से 24 मार्च तक निविदा डलनी है। संलग्न शासन आदेश संख्या 43/2025 आई 884569 दिनांक 19 फरवरी 2025
1. मथुरा में ऑफिसर्स कॉलोनी में प्रशासनिक अधिकारियों के आवास संख्या B 5,7,9 ,10, 12, 13, 18 ,19 और 21 की विशेष मरम्मत का कार्य लागत 102.67 लाख
2. मथुरा में ऑफीसर्स कॉलोनी में न्यायाधीशों को आवंटित पूल्ड आवास B,1,8,11,14,15,16,17,22 की विशेष मरम्मत का कार्य -लागत 52.48 लाख
3. मथुरा में ऑफीसर्स कॉलोनी में टाइप कर आवास संख्या 1 से 12 तक की विशेष मरम्मत का कार्य लागत- 111. 98 लाख
4. मथुरा में ऑफीसर्स कॉलोनी में C1 से सी चार आवासों की विशेष मरम्मत का कार्य लागत- 28.03 लाख
5. मथुरा के कृष्णापुरी में टाइप 4 एनएच 1 से 7 तक आवासों की विशेष मरम्मत का कार्य लागत- 21.03 लाख
6. मथुरा के कृष्णापुरी में टाइप 5 एनएच 1 से 6 तक आवासों की विशेष मरम्मत का कार्य लागत- 25.18 लाख
7. मथुरा में ऑफीसर्स कॉलोनी के पुल्ड हाउसिंग के आवास संख्या B- 6 की विशेष मरम्मत का कार्य लागत -16. 56 लाख
8. मथुरा के एनएच टाइप 2 के आवास संख्या 4, 5 एवं 7 की विशेष मरम्मत का कार्य लागत 19.90 लाख
कल 377.83 लाख रुपए की धनराशि उक्त आवासों पर स्वीकृत कराई गई है।
जबकि उपरोक्त कई वासन में प्रांतीय खंड द्वारा 3 वर्ष पूर्व भी अवसान के सभी कार्य कराए गए हैं इसकी शिकायत जब अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग आगरा को करी गई तो उन्होंने एक कमेटीका गठन किया और स्थलीय निरीक्षण कर कमेटी से रिपोर्ट मांगी कमेटी में निर्माण खंड मथुरा के अधिशासी बनता गुलवीर सिंह वी सहायक अभियंता बी के शर्मा को नियुक्त किया गया लेकिन कमेटी ने बिना स्थलीय निरीक्षण कर आवासों को जर्जर बताते हुए और कार्य की आवश्यकता बताते हुए अधीक्षण अभियंता को भेज दी आनंद फानन में मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता ने अनुमोदन करते हुए कार्यों की तकनीकी स्वीकृति भी कर दी लेकिन अधीक्षण अभियंता द्वारा या कमेटी द्वारा आवासों का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया गया। वास्तविक आवास जो जर्जर स्थिति में है ऑफिसर्स कॉलोनी के A1 से लेकर ए 4 तक तथा जवाहर बाग कॉलोनी के सी टाइप के आवास डी टाइप के आवास, ई टाइप के आवास , एफ टाइप के आवास जिनकी छठे गिर रही हैं और जवाहर बाग के इन आवासों में कर्मचारी रहते हैं उन आवासों को प्रस्ताव भेजकर प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने स्वीकृत कराना उचित नहीं समझा, बड़ा प्रश्न है आगरा के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता भी उक्त आवासों की अच्छी स्थिति के बाद भी अधिशासी अभियंता से मिलकर कोई बड़ा खेल करेंगे। जर्जर स्थिति में आवासों में रह रहे आवासी कई बार अपने आवासों में मरम्मत कराने के लिए विभाग में प्रार्थना पत्र देते रहते हैं, लेकिन उनके आवासों की मरम्मत हेतु विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं।
7455095736
Author: Vijay Singhal
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