हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज़ चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में संत प्रेमानंद के जन्मोत्सव पर रात्रिकालीन पदयात्रा में श्रद्धालुओं का जोश हिलोरे मार रहा था। जैसे ही संत प्रेेमानंद रात्रिकालीन पदयात्रा पर निकले तो रास्तेभर फूलों की रंगोली के साथ फूल बिछा दिए। कहीं भजन गाए जा रहे थे, कहीं संगीतमय धुन पर राधा राम की गूंज सुनाई दे रही थी। संत प्रेमानंद जैसे-जैसे आगे बढ़ रहे थे, कोई भक्त उनकी आरती उतार रहा था, कोई पुष्पवर्षा कर उनके जन्मोत्सव की बधाई दे रहा था। संत प्रेमानंद श्रीराधाकेलि कुंज पहुंचे तो नाम संकीर्तन से आश्रम परिसर गूंज उठा। आश्रम में नाम संकीर्तन के अलावा श्रीजी का झूला दर्शन, श्रीहित चतुरासी पाठ, दर्शन, मंगल आरती में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। राधानाम संकीर्तन लगातार जारी रहा। शाम को वाणी पाठ में शामिल होकर श्रद्धालुओं ने संत प्रेमानंद के जन्मोत्सव के उल्लास में सहभागिता की। संत प्रेमानंद का पांच दिवसीय जन्मोत्सव मंगलवार सुबह श्रीराधा केलिकुंज में भले ही शुरू हुआ, लेकिन संत के जन्मोत्सव की तैयारियां रात्रिकालीन पदयात्रा में दर्शन को पहुंचे श्रद्धालुओं ने जोरशोर से कर ली थीं। रात ठीक दो बजे जब संत प्रेमानंद श्रीकृष्ण शरणम से पदयात्रा करते हुए आगे बढ़े तो श्रद्धालुओं का जोश हिलोरे मारने लगा।श्रद्धालुओं ने फूलों की रंगोली सजाई और सड़क के दोनों ओर सामान्य दिनों से कई गुणा अधिक श्रद्धालुओं की भीड़। श्रद्धालुओं के बीच बच्चे श्रीराधाकृष्ण के वेश में सजे थे। संत प्रेमानंद के जन्मोत्सव पर मंगलवार सुबह नाम संकीर्तन, सत्संग, श्रीजी का झूला दर्शन, श्रीहित चतुरासी पाठ में श्रद्धालुओं ने उल्लास के साथ सहभागिता की। इसके बाद संत प्रेमानंद के दर्शन के बाद मंगल आरती का आनंद लिया। शृंगार आरती के साथ शुरू हुआ अखंड राधानाम संकीर्तन जो लगातार जारी रहेगा। संध्या वाणी पाठ में भी भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
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Author: Vijay Singhal
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