हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। कोसीकलां में जाव के हुरियारे बठैन में हुरंगा खेलने पहुंचे तो गलियों में उन पर अबीर-गुलाल की ग्रामीणों ने बरसात कर दी। प्राचीन परंपरा के रंग में सराबोर हुरियारे हुरियारिनों की प्रेम पगी लाठियों से खूब पिटे। हास हरिहास के बीच हुरियारे मस्ती में नाच गाकर हुरियारिनों को रिझाते नजर आए। गोपी स्वरूप हुरियारिनों ने हुरियारों से घिरे दाऊजी की पताका तक पहुंचने के लिए आनंदमयी खींचतान की, लेकिन दाऊजी महाराज हुरियारिनों के हाथ नहीं आए। हुरंगा का बदला लेने के लिए जाव के हुरियारे बठैन में हुरंगा खेलने पहुंचे। दोपहर को ही हुरियारों की अलग-अलग टोलियां गांव में पहुंच गईं। बठैन की सरदारी द्वारा हुरियारों को अबीर-गुलाल लगाकर स्वागत किया। हुरियारों की खातिरदारी के लिए भी जगह-जगह इंतजाम किए गए थे। शाम ढलते ही हुरियारों की टोलियां गलियों में हुरंगा खेलने के लिए उतर गईं। दाऊजी की पताका को घेरकर दर्जन भर नगाड़े एवं ढप ढोल बजाते हुए हुरियारे चल रहे थे। इधर, शोभायात्रा गांव के बाहर हुरंगा मैदान पर पहुंची। जहां घूंघट लगाए और हाथों में लाठियां लिए स्थान-स्थान पर हुरियारिनें खड़ी थीं और बरसाने की लठामार होली की भांति डंडों से हुरियारों पर लकड़ी के विशेष प्रकार से बने हलों पर वार कर रही थीं। वहीं, बठैन के लोगों ने ठंडाई, भांग एवं हुक्का से उनका परंपरागत स्वागत किया। इसके बाद जमकर गुलाल और अबीर बरसाकर हुरियारों को रंगों से सराबोर कर दिया गया।
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Author: Vijay Singhal
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