हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। वृंदावन में ब्रज की विश्व प्रसिद्ध होली महोत्सव के बीच फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर गौड़ीय वैष्णव संप्रदाय के प्रवर्तक, श्रीधाम वृंदावन के प्राकट्यकर्ता श्री चैतन्य महाप्रभु का अवतरण दिवस मनाया गया। भक्ति वेदांत स्वामी मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर में गौरांग महाप्रभु की 539वीं जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें फूल बंगला, छप्पन भोग, पालकी उत्सव, महाभिषेक, हरिनाम संकीर्तन एवं फूलों की होली मुख्य आकर्षण रहे। मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने महाभिषेक के दिव्य दर्शन किए। मंदिर प्रांगण भक्ति और संकीर्तन से गूंज उठा। भक्तों को संबोधित करते हुए मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने कहा कि श्री चैतन्य महाप्रभु का प्राकट्य श्रीमद्भागवत में वर्णित है। वे बाह्य रूप से गौरवर्ण और अंतरंग रूप से स्वयं श्रीकृष्ण हैं जो श्रीराधा भाव से युक्त होकर अवतरित हुए। उन्होंने बताया कि कलियुग में हरिनाम संकीर्तन ही भगवत प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है और यही श्री चैतन्य महाप्रभु का मुख्य संदेश है। इस मौके पर आगरा के अलावा दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, पंजाब आदि कई जगहों के श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
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Author: Vijay Singhal
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