हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। महापौर व पार्षदों की रार को थामने के लिए महापौर अब पार्षदों के द्वार पर पहुंच रहे हैं। जिससे रार यहीं थम जाए और बात लखनऊ तक न पहुंचे। इसी क्रम में वे पार्षदों को फोन कर मीडिया में आ रहे मामलों की जानकारी देने वाले शख्स के बारे में भी पूछ रहे हैं। पिछले दिनों पार्षद दल के नेता चौधरी राजवीर सिंह के नेतृत्व में करीब 50 पार्षद डीएम सीपी सिंह और एमवीडीए के उपाध्यक्ष एसबी सिंह से मिले थे। यहां पार्षदों ने आरोप लगाया था कि 15 वीं वित्त ग्रांट से विकास कार्य कराने जाने के लिए शासन द्वारा करीब 46 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। प्रत्येक वार्ड के लिए 60-60 लाख रुपये जारी हुए हैं। ऐसे दिशा-निर्देश भी थे। वहीं महापौर ने 30-30 लाख रुपये की धनराशि ही जारी की है। 15 करोड़ रुपये आपदा कोष में रखने पर भी पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। राजनीतिक हलकों में चर्चा जोरों पर है कि इस घटना के बाद महापौर बैकफुट पर आ गए हैं। पूरे मामले को खत्म करने के लिए पार्षदों से मुलाकात कर रहे हैं। अब तक वे महाविद्या कॉलोनी स्थित पार्षद नीरज वशिष्ठ, पार्षद दल के नेता चौधरी राजवीर सिंह, तेजवीर, नीरज, ब्रजेश खरे और कुंजबिहारी भारद्वाज से मुलाकात की। इसके साथ ही सभी से विकास कार्यों पर चर्चा की। पूरे मामले में महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि पार्षद परिवार के सदस्य हैं। कई पार्षदों से मुलाकात कर उन्होंने 15वीं वित्त की ग्रांट पर चर्चा की है। विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए आगे की दिशा तय की है। वहीं पार्षद सभी पार्षदों के साथ सामूहिक बैठक पर जोर दे रहे हैं।
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Author: Vijay Singhal
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