हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में सर्दी भले ही धीरे से दस्तक दे रही हो, मगर अब कड़ाके की ठंड और घना कोहरा झेलने के लिए तैयार हो जाइए। अधिक वर्षा, पश्चिम विक्षोभ व ला-नीना (प्रशांत महासागर से चलने वाली हवा) इसका कारण है। इससे कोहरा औसत से अधिक छाएगा और ठंड भी मानक से अधिक पड़ने का पूर्वानुमान है। अभी दिन गर्म हैं, मगर रात में सर्दी तेवर दिखाने लगी है। तापमान भी लुढ़क रहा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री व न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। चिकित्सकों ने लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह दी है। नवंबर से लेकर फरवरी तक का समय ठंड का माना जाता है। इस साल भी नवंबर में ही रातें सर्द होनी शुरू हो गई थीं, लेकिन तेवर के साथ। एक वजह, दशहरा के बाद तक वर्षा हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इससे वातावरण में ज्यादा नमी रही। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से भी ठंड बढ़ रही है। ये वर्ष ला-नीना के प्रभाव का है। ला-नीना, प्रशांत महासागर से उठनी वाले वह हवा हैं, जिनसे आसपास के क्षेत्र में ठंड और वर्षा पड़ती है। इसके असर से दिसंबर के तीसरे-चौथे सप्ताह से ही ठंड थर्ड डिग्री देनी शुरू कर देगी। शहर के वरिष्ठ फिजीशियन डा. गौरव भारद्वाज ने बताया कि सर्दी में शुगर, अस्थमा व बीपी के मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक व अस्थमा के अटैक इसी मौसम में अधिक पड़ते हैं। अधिक ठंड इन मरीजों की परेशानी बढ़ा सकती है। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अमन ने बताया कि ठंड में बच्चों को सर्दी, निमोनिया व कोल्ड डायरिया की समस्या बढ़ेगी। नवजातों व अन्य बच्चों का पूरा शरीर गर्म कपड़ों से ढंककर रखें। नवजातों को प्रत्येक घंटे स्तनपान कराएं। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ेगी। ज्यादा सर्दी में बच्चों को लेकर यात्रा करने से भी बचें।
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Author: Vijay Singhal
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