• Thu. Feb 12th, 2026

मालदा का ब्रजेश है जाली नोट गिरोह का संचालक

ByVijay Singhal

Dec 12, 2022
Spread the love
हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। देश में जाली नोटों धंधा करने वाले गिरोह का सरगना मालदा पश्चिम बंगाल का ब्रजेश मौर्या है। वह कई दफा जेल जा चुका है। रौनक से गिरोह के अन्य सदस्यों की मुलाकात भी उसी ने कराई थी। रविवार को जीआरपी एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि जाली नोट छापने वाले सरगना को जीआरपी रविवार को वाराणसी की श्रीनगर कॉलोनी से दबोच कर मथुरा ले आई। उसके कब्जे से जाली नोट के साथ छापने वाली मशीन और इंक भी पकड़ीं गई। उसे जेल भेज दिया गया है। अब जीआरपी का अगला निशाना मालदा पश्चिम बंगाल और मुंबई में नकली नोट गिरोह का सरगना होंगे।
गिरोह पंजाब, मालदा, हरियाणा ,राजस्थान, बिहार में फैला हुआ है। वाराणसी से गिरफ्त में लिए जाली नोटों को अपने ठिकाने पर छापने वाले रौनक से जब जीआरपी टीम ने पूछताछ की तो बताया कि उसने प्रिंटिंग कोर्स का डिप्लोमा किया है। प्र्रिंटिग प्रेस पर काम भी कर चुका है। एसपी जीआरपी के मुताबिक वह शार्ट कट विधि से पैसा कमाना चाहता था। जिसके चलते उसकी मुलाकात मालदा पश्चिम बंगाल निवासी ब्रजेश मौर्या से हुई। ब्रजेश जाली नोट के मामले में कई दफा जेल जा चुका है। उसने ही उसकी मुलाकात सवाई माधोपुर निवासी कलीमुल्ला व कोटा निवासी मोहम्मद तकीम उर्फ तकी से कराई। ब्रजेश गिरोह के सदस्यों ने ही उसे जाली नोट के काम में एक्सपर्ट किया।
उन्हाेंने बताया कि जिस गाड़ी में रौनक से बरामद हुईं जाली नोट छापने वाली मशीनें आ रहीं थीं वह गाड़ी आगरा के पास खराब हो गई। जिसके चलते सही समय पर बरामद माल थाना जीआरपी नहीं आ सका। उन्होंने बताया कि सिक्योरिटी पेपर भी रौनक खुद तैयार करने लगा था। इसके लिए वाराणसी की श्रीनगर कॉलोनी में इंजीनियर रमेश का मकान किराए पर लिया था। एक 500 रुपये के जाली नोट को तैयार करने में दो डालर का खर्च आता था। रौनक ने बताया कि उसका काफी पैसा सन साइट कंपनी में डूब गया। जिसके चलते उस पर करीब डेढ़ करोड़ का कर्ज हो गया था। उस कर्ज को उतारने के लिए उसने नकली नोटों का अवैध धंधा करना प्रारंभ किया।

मथुरा। जाली नोटों की एक खेप ने इससे जुडे़ अंतरराष्ट्रीय गिरोह का खुलासा कर दिया। मालदा से संचालित होने वाले इस गिरोह के तार बांग्लादेश और पाकिस्तान तक फैले हैं। इसकी भनक लगने पर जीआरपी ने उच्च सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी है। जैसे-जैसे जीआरपी गिरोह की तह तक पहुंच रही है उसके सामने पाकिस्तान तक जाली नोटों का कनेक्शन सामने आता जा रहा है। मालदा को जाली नोटों के कारोबार की मंडी कहा जाता है। पिछले तीन सालों में मालदा से लगे बांग्लादेश बॉर्डर पर बीएसएफ ने 100 करोड़ से अधिक के जाली नोट बरामद किए हैं। जीआरपी सूत्रों के अनुसार, मालदा का एक गांव बांग्लादेश के बार्डर से सटा हुआ है। जाली नोटों की खेप यहीं पर आती है। यहां से उसे अंतरराष्ट्रीय गिरोह के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचाया जाता है। इस गांव में छोटे-छोटे बच्चों को जाली नोटों की गड्डी लाने ले जाने में प्रयोग किया जाता है। यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन के काफी नजदीक है जिसके चलते रेल के माध्यम से यह जाली नोट देश के अन्य हिस्सों में जाते हैं। एसपी जीआरपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि जीआरपी गिरोह के बांग्लादेश और पाकिस्तान कनेक्शन की छानबीन कर रही है।

7455095736
Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

50% LikesVS
50% Dislikes

Leave a Reply

Your email address will not be published.