संगोष्ठी में शिक्षाविद प्रोफेसर ब्रजेश चंद्रा ने गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा नीति बनाए जाने पर जोर देते हुए कहा कि आजादी के बाद से ही शिक्षा नीति को लेकर सरकारी उदासीनता सामने आई है। हमेशा दोहरा मानदंड अपनाया गया है। पूरे देश का एजुकेशन सिस्टम एक जैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य शिक्षा बोर्ड और केंद्रीय शिक्षा बोर्ड की नीतियों में काफी असमानताएं हैं। हमे शिक्षा नीति में बदलाव करना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपना दायित्व समझना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों में जब विद्यार्थियों का ड्रेस कोड है तो शिक्षकों का क्यों नहीं। स्कूल में शिक्षा देने वाले शिक्षकों का भी ड्रेस कोड होना चाहिए। डॉ अरुण कुमार यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा 29 जुलाई 2020 को हुई। इस नीति का देश भर में स्वागत किया गया। स्वतंत्र भारत में की यह तीसरी शिक्षा नीति है। इसी प्रकार शिक्षा में सुधार एवं परिवर्तन के लिए 1948 में राधा कृष्ण आयोग,1952 में मदलियार आयोग और 1964 में कोटारी आयोग के साथ समय समय पर कई समितियों और समूहों का गठन किया गया। उन्होंने कई अनुशंसा भी दीं, लेकिन दुर्भाग्य से इच्छाशक्ति के अभाव में इनको क्रियान्वित नहीं किया जा सका। सदस्य राज बहादुर सिंह ने कहा कि किसी भी नीति की सार्थकता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका कार्यान्वयन किस तरह किया जा रहा है। वही नीति सफल होगी जो देश काल और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर बनाई जाय नीतियों का निर्धारण इस दृष्टिकोण से होना चाहिए कि उसका लाभ सुगमता से लोगों तक पहुंच सके। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य भारत को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करना है। सामाजिक न्याय और समानता, वैज्ञानिक प्रगति, सांस्कृतिक संबद्धता की अपनी पहचान को कायम करना है। सभी के लिए समावेशी और समान गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करने और जीवन पर्यन्त शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा दिए जाने के लिए 2030 तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। शिक्षा में चरित्र निर्माण, नैतिकता, तार्किकता, करूणा और संवेदनशीलता के साथ ही रोजगार परक बनाने पर जोर दिया गया है।
21वीं सदी की यह पहली शिक्षा नीति है जिसका लक्ष्य हमारे देश के विकास के लिए अनिवार्य आवश्यकताओं को पूरा करना है। साथ ही प्रत्येक व्यक्ति में निहित रचनात्मक के विकास पर विशेष जोर देता है। सभापति मानवेंद्र सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में प्रस्तावित बिंदुओं को केंद्रीय शाखा को प्रेषित किया जायेगा। इस अवसर पर सदस्य विजय रमण आचार्य, एमएलसी ठाकुर ओम प्रकाश सिंह भी मौजूद रहे।
