हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। व्रन्दावन में ठा. श्रीबांकेबिहारी मंदिर के प्रबंधन और उचित रखरखाव की कार्ययोजना को परखने के लिए हाईकोर्ट की ओर से नामित हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुधीर नारायण अग्रवाल ने शनिवार को अधिकारियों, याचिकाकर्ता, मंदिर के सेवायत गोस्वामियों और व्यापारियों के साथ बैठक की। सभी से मंदिर में बढ़ रही भीड़ और अव्यवस्थाओं के सुधार के संबंध में सुझाव लिए। बैठक में सभी के मतों में भिन्नता दिखाई दी। गोस्वामी समाज और व्यापारी वर्ग ने मंदिर क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर की रूपरेखा पर आपत्ति दर्ज कराई है। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की मौजूदगी मेकं टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर में लगभग ढाई घंटे तक बैठक चली। इसमें आगामी योजनाओं पर मंथन भी हुआ। गोस्वामियों ने ने कहा कि प्रशासन अभी तक व्यवस्थाओं को थोपने का कार्य कर रहा है। व्यापारी वर्ग ने भी कॉरिडोर पर सर्वसम्मति से योजना बनाने की बात कही। इस दौरान बांके बिहारी मंदिर की प्रशासक/सिविल जज जूनियर डिवीजन कोमल शर्मा, डीएम पुलकित खरे, एसएसपी शैलेष पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट सौरभ दुबे, याचिकाकर्ता अनंत शर्मा, मनोज पांडेय, सीओ सदर प्रवीण मलिक, मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा, उमेश सारस्वत, मंदिर सेवायत आचार्य गोपी गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, आलोक बंसल, धनेंद्र अग्रवाल, अलौकिक शर्मा, शिवा गौतम आदि मौजूद थे। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के मंदिर के सेवायत गोस्वामियों ने कहा कि वह न तो कॉरिडोर निर्माण के पक्ष में हैं और न मंदिर एवं उसके आसपास क्षेत्र से किसी प्रकार की छेड़छाड़ की पक्ष में। उन्होंने कहा कि सरकार को अगर विकास कराना है तो यमुना पार पार्किंग की व्यवस्था करें। वहां से मदन मोहन मंदिर तक पुल का निर्माण कराते हुए लोगों को ठा. श्रीबांकेबिहारी के दर्शन की व्यवस्था सुलभ कराएं। गौरव गोस्वामी, हिमांशु गोस्वामी, ब्रजेश गोस्वामी, रजत गोस्वामी ने कहा कि मंदिर के आसपास की गलियों का कुछ चौड़ीकरण के साथ अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करके भी मंदिर के दर्शन की व्यवस्था सुदृढ़ की जा सकती है।
