हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बहला फुसला कर किशोरी को भगा ले जाने और उसके साथ दुराचार करने वाले को एडीजे विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट द्वितीय ब्रिजेश कुमार द्वितीय की अदालत ने 11 वर्ष व सहयोग करने वाली महिला को 7 वर्ष के कारावास की सजा से दण्डित किया है। अदालत ने अभियुक्त पर 80 हजार व सहयोगी महिला पर 30 हजार रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया है। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुभाष चतुर्वेदी व विशेष लोक अभियोजन रामपाल सिंह द्वारा की गई। रिफाइनरी थाना क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी 9 मार्च 2016 की सुबह 6 बजे हाईस्कूल की परीक्षा देने बलदेव क्षेत्र के ग्राम पटलोनी गई थी। परीक्षा देने के बाद किशोरी टैंपो से रिफाइनरी क्षेत्र स्थित काशीराम कॉलोनी मोड़ पर उतर गई। तभी किशोरी को एक युवक व महिला बहला फुसला कर अपने साथ ले गए। किशोरी को परिजनों ने तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। किशोरी के पिता ने 13 मार्च 2016 को रिफाइनरी थाने में किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले जाने के मामले में छोटू पुत्र समसुद्दीन, निवासी द्वारिका, दिल्ली गेट, थाना घण्टाघर कोतवाली, गाजियाबाद व उसकी सहयोगी महिला के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी व उसकी सहयोगी महिला को गिरफ्तार कर किशोरी को उनके कब्जे से बरामद किया था। पुलिस ने किशोरी का चिकित्सीय परीक्षण कराया, जिसमें उसके साथ दुराचार किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने छोटू व उसकी सहयोगी महिला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट द्वितीय ब्रिजेश कुमार द्वितीय की अदालत में हुई।एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अदालत ने छोटू को किशोरी के साथ दुराचार करने व महिला को किशोरी को बहला फुसला कर उसे भगाने में सहयोग करने का दोषी माना। अदालत ने छोटू को 11 वर्ष के कारावास और 80 हजार रुपये अर्थदण्ड व सहयोग करने वाली महिला को 7 वर्ष के कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। दोनों अभियुक्त जमानत पर थे। निर्णय सुनाए जाने के बाद अदालत ने दोनों का सजाई वारंट बना उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
7455095736
Author: Vijay Singhal
50% LikesVS
50% Dislikes
