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अधिवक्ता परिषद ने किया युवा अधिवक्ताओं का सम्मान

ByVijay Singhal

Jan 15, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। अधिवक्ता परिषद ब्रज मथुरा इकाई द्वारा स्थानीय नंदन गार्डन धोली प्याऊ रोड नेशनल हाईवे पर स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। शुभारंभ मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्वलित कर वंदे मातरम गान के साथ किया गया। विचार गोष्ठी में महामंत्री निमेश कुमार गर्ग ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपनी पूरी जिंदगी युवाओं को जागरूक करने में और उन्हें सही दिशा में प्रेरित करने के लिए समर्पित कर दिया। स्वामी विवेकानंद जी का कहना था उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए उनका यह संदेश हमें जीवन में अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है। वीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रत्येक युवा को अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करना चाहिए और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए उनके अनुसार राष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य है कि हम स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में उतरे और उनके विचारों के अनुरूप समाज का निर्माण करें। प्रदेश मंत्री चन्द्र मोहन अग्रवाल ने कहा कि विवेकानंद जी के सपनों को जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि मुझ जैसे 100 व्यक्ति यदि हो जाए तो भारत विश्व गुरु हो सकता है। इस शब्द को माननीय हेडगेवार जी ने पूरा किया आज पूरे विश्व में विवेकानंद जी के सपनों को साकार किया जा रहा है। प्रदेश मंत्री शंकर सैनी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ज्ञान कर्म और भक्ति के ऐसी संगम थे की उनके विचारों के संपर्क में आते ही सांसारिक मोह माया के अंधकार में सारे मार्ग प्रकाशित हो जाते थे। राजेंद्र केशोरेया ने कहा कि भारत की महान विभूति पुण्य आत्मा स्वामी विवेकानंद भारत भूमि पर ऐसे काल में अवतरित हुए जबकि भारत की जनता अंग्रेजों की दास्तान से मुक्त होने के लिए जूझ रही थी । देवेंद्र उपाध्याय ने बताया कि की स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की जो आज भी अपना कार्य सुचारू रूप से कर रही है वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे उनकी संस्थाएं पूरे भारतवर्ष में अपना योगदान विभिन्न क्षेत्रों में दे रही है । युवा अधिवक्ता आकाश शंकर ने कहा कि विवेकानंद का अर्थ है स्व का ज्ञान। जैसे वह अनुशासित और केंद्रित थे वैसे ही युवाओं को अपने लक्ष्यों पर केंद्रित होना चाहिए। युवा अधिवक्ता दिवस पर 30 वर्ष से कम उम्र के 20 अधिवक्ताओं को न्याय प्रवाह संबंधित पुस्तक देकर नए अधिवक्ताओं का सम्मान किया गया और पांच नए अधिवक्ताओं ने न्याय प्रवाह पत्रिका की सदस्यता ली। विचार गोष्ठी में दिनेश चंद मिश्रा निर्भय सिंह चंद्रकांत प्रज्ञा जादौन विजय कुमार पंकज जोशी शिवराम सिंह धीरेंद्र सरस्वती योगेश कुमार शर्मा उमेश कुमार पुष्पेंद्र सिंह देवेंद्र उपाध्याय देवेंद्र सिंह मयंक अग्रवाल मनोज शर्मा मदन मोहन उपाध्याय मुकेश गोस्वामी राजकिशन भारद्वाज विनोद कुमार अग्रवाल चेतन कुमार सिंह यश अग्रवाल शेखर अग्रवाल भीष्म दत्त तोमर सुभाष चतुर्वेदी नरेंद्र कुमार शर्मा पंकज कुमार चतुर्वेदी बबीता सिंह राजूसिंह और पूजा शर्मा योगेश शर्मा देवेंद्र सिंह कृष्ण मुरारी शर्मा सुमित रावत अवधेश सिंह रमन घराना मधु भार्गव चंद्रभान सिंह विजेंद्र वैदिक बृजेश कुंतल हरीश कुमार भाटिया राजेश पारीक हिरांग कृष्णा तरुण गौड़ शंकर लाल सैनी विशाल वर्मा सुनील कुमार पांडे गिरीश शर्मा आदि उपस्थित रहे।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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