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LLB कर रही बेटी की आत्महत्या से सदमे में परिवार, बीजेपी नेता ने पुलिस पर लगाया मामला दबाने का आरोप

ByVijay Singhal

Jan 11, 2025
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। भाजपा नेत्री की बेटी की मृत्यु की खबर के बाद शहर की पाश कॉलोनी विश्व लक्ष्मीनगर में सन्नाटा पसर गया। स्वजन घटना की जानकारी मिलने के साथ ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। भाजपा नेत्री ने अस्पताल प्रशासन पर दो घंटे तक मामले को छुपाए रखने का आरोप लगाया है। उनकी पुत्री लखनऊ के एक विश्वविद्यालय से एलएलबी कर रहीं थी। हादसे के बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया है। भाजपा महिला मोर्चा महानगर की महामंत्री रश्मि शर्मा पर एक बेटा अभियोदय व एक बेटी अक्षिता उपाध्याय हैं। उनके पति गुजरात की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करते हैं। उनकी बेटी अक्षिता उपाध्याय लखनऊ की एमिटी यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी कर रहीं थी। वह द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं।
शनिवार की सुबह करीब 10 बजे हास्टल से उनकी बेटी की तबीयत खराब होने की खबर मिली। रश्मि शर्मा तुरंत अपने परिचितों के साथ तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। कुछ देर बाद पता चला कि अक्षिता उपाध्याय की हास्टल में मृत्यु हो गई है। इसी के साथ ही कालोनी के तमाम लोग उनके घर पर पहुंचे, लेकिन वहां ताला लगा हुआ था।
पूरी कॉलोनी में सन्नाटा पसर गया। हर कोई मामले की जानकारी में जुटा रहा। भाजपा नेत्री पार्षद भी रह चुकी हैं। उनका पुत्र अभियोदय कक्षा 11वीं का छात्र है। भजपा नेता की बेटी कई दिन से परेशान लग रही थी। मां रश्मि शर्मा ने बताया, गुरुवार रात्रि दो बजे उनकी बेटी ने उन्हें मोबाइल पर कॉल की थी। वह कुछ परेशान सी थी। सुबह उसकी मृत्यु की खबर मिली। आरोप लगाया कि कालेज द्वारा बेटी की मृत्यु की जानकारी दो घंटे तक छिपाते रहे।
होनहार थी बेटी, मृत्यु की खबर सुन घटनास्थल के लिए रवाना हुए स्वजन भाजपा नेत्री के परिचितों ने बताया, अक्षिता उपाध्याय पढ़ने में होशियार थी। वह एलएलबी करना चाहती थी। इसीलिए उनके स्वजन ने उसे लखनऊ की एमिटी यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी में दाखिला दिलाया था। वह पढ़ाई में काफी तेज थी।
आत्महत्या को प्रेरित के मामले में पति, सास-श्वसुर को सात-सात वर्ष की सजा विवाहिता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में न्यायाधीश ने पति व सास-ससुर को सात-सात वर्ष का कारावास और 30-30 हजर रुपये जुर्माना लगाया है। ससुराल वालों की दहेज की मांग के चलते विवाहिता ने वर्ष 2015 में फांसी लगा कर जान दे दी थी। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी एडीजीसी नरेंद्र शर्मा व निजी अधिवक्ता रूपेश चौधरी ने की। संभल के बनिया ठेर थाना के अमियापुर पचाक निवासी रामकिशोर ने अपनी बेटी देवकी उर्फ द्रोपा की शादी 26 फरवरी, 2012 को राया के सैनी मुहल्ला निवासी कन्हैयालाल से की थी। शादी के बाद ससुराल वाले द्रोपा से अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। आएदिन के उत्पीड़न से तंग आकर द्रोपा ने 7 मार्च 2015 को ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। रामकिशोर ने राया थाने में पति कन्हैयालाल, सास कमलेश व ससुर देवीचरन के खिलाफ दहेज की खातिर बेटी की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में मामला आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का पाया गया। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई एडीजे एफटीसी प्रथम विजय कुमार सिंह की न्यायालय में हुई। एडीजीसी ने बताया न्यायालय ने पति, सास व ससुर को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का दोषी करार देते हुए सात-सात वर्ष का कारावास और 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। सभी आरोपित जमानत पर थे। निर्णय सुनाए जाने के बाद न्यायालय ने उनका सजाई वारंट बनाकर उन्हें सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया।
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Vijay Singhal
Author: Vijay Singhal

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