हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। सदर थाना के अंतर्गत फर्जी एमएसटी बनाकर ट्रेन में सफर करने वाले को एसीजेएम रेलवे मजिस्ट्रेट सूर्यभान कुमार वर्मा की अदालत ने चार वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। शासन की ओर से मुकदमे की पैरवी अभियोजन अधिकारी आगरा अनुभाग मीरा पाण्डे द्वारा की गई। ट्रेन संख्या 12780 गोआ एक्सप्रेस में 5 जनवरी 2013 में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान चेकिंग टीम ने कोच संख्या एस-दो में सफर कर रहे नीरज चतुर्वेदी पुत्र विनोद कुमार चतुर्वेदी, निवासी सब्जी मण्डी, सदर बाजार मथुरा से टिकट मांगा। नीरज ने चेकिंग टीम को एमएसटी दिखाई। एमएसटी पर 28 नवंबर 2012 से 27 फरवरी 2013 तक की वैधता थी। जांच में नीरज चतुर्वेदी द्वारा दिखाई गई एमएसटी फर्जी पाई गई थी। चेकिंग टीम में शामिल चिरंजीव सिंह कल्सी ने फर्जी एमएसटी पर ट्रेन में सफर करने को लेकर नीरज चतुर्वेदी के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जीआरपी थाने के विवेचक ने नीरज चतुर्वेदी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम रेलवे मजिस्ट्रेट सूर्यभान कुमार वर्मा की अदालत में हुई।
अभियोजन अधिकारी आगरा अनुभाग मीरा पाण्डे ने बताया कि अदालत ने नीरज चतुर्वेदी को फर्जी एमएसटी के आधार पर ट्रेन में सफर करने का दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा से दण्डित किया है। अर्थदण्ड अदा नहीं करने पर उसे 6 माह का अतिरिक्त करावास और भुगतना होगा।
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Author: Vijay Singhal
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