हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बरसाना में अदालत के आदेश पर श्रीराधारानी मंदिर में सेवा दिलाने गए मजिस्ट्रेट व पुलिस को सेवायतों ने मंदिर के कपाट बंद कर अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इसके कारण हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए मंदिर की सीढ़ियों पर बैठे रहे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन खुलवाए। देर शाम तक थाने में एसडीएम, सीओ, तहसीलदार अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए मंथन करते रहे। छह माह की सेवा का अधिकार योगेश शर्मा को मिलने के बाद आदेश का पालन कराने के लिए एसडीएम नीलम श्रीवास्तव ने तहसीलदार मनीष कुमार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। बुधवार को आदेश का पालन कराने के लिए तहसीलदार व पुलिस के पहुंचने की जानकारी पर दो दर्जन सेवायत मंदिर पहुंच गए। यहां जगमोहन में विराजमान राधारानी के विग्रह को मंदिर के गर्भ गृह में ले गए। इसके बाद मंदिर को 12 बजे बंद कर दिया गया। इससे हजारों की संख्या श्रद्धालु दर्शनों के लिए मंदिर की सीढ़ियों पर खड़े रहे। भीड़ व पुलिस के दवाब के बीच सेवायतों ने एक बजे मंदिर के पट खोले और फिर 15 मिनट बाद बंद कर किए। इससे सैकड़ों श्रद्धालु दर्शनों से रह गए। हालांकि शाम को समय से आधा घंटे पहले ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सेवा दिलाने गए तहसीलदार मनीष कुमार व थाना प्रभारी अरविंद निर्वाल ने मंदिर परिसर में दोनों पक्षों को बैठाकर अदालत का आदेश का पालन करने के लिए समझाया, लेकिन सेवायत नहीं माने। इसके बाद एसडीएम नीलम श्रीवास्तव व सीओ आलोक सिंह थाने पहुंचे। दोपहर दो बजे करीब दोनों पक्षों को बुलाकर आदेश का पालन करने को कहा। मंदिर रिसीवर प्रवीन गोस्वामी, यक्ष पुरुष गोस्वामी सहित अन्य गोस्वामियों ने अदालत के आदेश को भ्रामक बताते हुए विरोध जताया और सेवा देने से इंकार कर थाने से चले गए। विरोध करने वालों में राम भरोसे गोस्वामी, कन्हैया गोस्वामी, दीपक गोस्वामी, ध्रुवेश गोस्वामी, सुरेश गोस्वामी आदि थे। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने की बात कही है।
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Author: Vijay Singhal
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