हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा में बुधवार को संस्कृति यूनिवर्सिटी एक्टर तुषार कपूर और तमिल अभिनेत्री सीरत कपूर पहुंचीं। यहां तुषार ने अपनी फिल्म ‘मारीच’ का प्रमोशन किया। बता दें कि इस फिल्म के जरिए सीरत हिंदी सिनेमा में डेब्यू कर रही हैं। कुलपति सचिन गुप्ता और ओएसडी मीनाक्षी शर्मा ने उनको बुके भेंट कर फिल्म की सफलता के लिए शुभकामना दीं। तुषार कपूर और सीरत कपूर हजारों विद्यार्थियों के बीच अपनी खुशी को काबू नहीं रख सके। युवा दिलों की मांग पर जमकर ठुमके। संस्कृति विवि के विद्यार्थियों से उन्होंने अपनी फिल्म देखने का वादा भी लिया। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ सचिन गुप्ता से मुलाकात के बाद दोनों कलाकार मंच पर पहुंच गए। गोलमाल, शूट आउट जैसी फिल्मों से लोकप्रिय हुए तुषार कपूर को देखते ही छात्र-छात्राएं उत्साहित होकर सीटियां बजाने लगे। हिंदी फिल्मों में ‘मारीच’ फिल्म से एंट्री कर रहीं खूबसूरत अदाकारा सीरत कपूर स्टेज पर आते ही विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र बन गईं। स्लीवलेस और खुले गले की हल्के रंगों वाली आकर्षक ड्रेस में सीरत कपूर की खूबसूरती का ऐसा जादू छाया कि छात्र-छात्राओं ने उनको अपने फोन पकड़ा दिए। सेल्फी खिंचवाई।
विद्यार्थियों की जिद पर तुषार कपूर ने प्रसिद्ध फिल्म गोलमाल के कुछ डायलॉग जो गूंगे बनकर बोले थे, पूरी अदाकारी के साथ प्रस्तुत किए। इसी बीच साउंड सिस्टम पर ‘मारीच’ के गाने बज उठे और तुषार व सीरत गानों पर जैसे ही थिरके छात्र-छात्राओं में जोश आ गया। वे भी मैदान पर उनके साथ नाचने लगे। जोर-जोर से गाने लगे। बीच-बीच में तुषार युवा विद्यार्थियों को फिल्म देखने की अपील भी कर रहे थे।तुषार कपूर ने बताया कि ‘मारीच’ एक सस्पेंस मूवी है जिसको मजेदार और रोमांचक दृश्यों से ऐसा बांधा गया है कि आप पूरी फिल्म खत्म हो जाने तक सस्पेंस खत्म नहीं होगा। मुंबई में शूट हुई इस मूवी की शूटिंग करीब 50 दिन चली। इस फिल्म के तुषार कपूर खुद प्रोड्यूसर हैं। तुषार कपूर ने सीरत कपूर का स्टूडेंट से भी परिचय कराया। सीरत ने बताया कि वे दिल्ली की हैं। यहां आकर उन्हें अपने घर जैसा ही महसूस हो रहा है। ब्रज की धरती पर आकर मन प्रसन्न हो गया। आप लोगों से मिलकर बहुत अच्छा लगा।
तुषार कपूर और सीरत कपूर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि मारीच एक सस्पैंस मूवी है जिसमें हत्यारे को उसके कई मुखौटे होने के कारण पहचानना अंत तक मुश्किल होता है। उन्होंने बताया कि रामायण में ‘मारीच’ जो कि एक राक्षस है, सीताजी के हरण के लिए वो सोने का हिरण बन जाता है। हालांकि फिल्म का नाम बस एक सिंबोलिक है, इसका बहुत ज्यादा पौराणिक कथा से मतलब नहीं है।फिल्म में एक पुलिस वाले की भूमिका निभाई है जो हत्यारे को पकड़ने के लिए कड़ी मशक्कत करता है। तुषार ने बताया कि यह एक लो बजट की फिल्म है। टाकीजों में फिल्मों की लगातार हो रही पिटाई को देखते हुए कम बजट वाला रिस्क लिया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना के बाद से बॉलीवुड की फिल्मों पर संकट छाया हुआ है। इसके बावजूद फिल्म के कथानक और उसका प्रस्तुतिकरण इतना सस्पेंस फुल है कि विश्वास है कि लोग इसे देखने जरूर पहुंचेंगे। फिल्म में मनोरंजन के लिए भरपूर मसाला है।
तेलगू फिल्मों से अपनी फिल्मी दुनिया की शुरुआत करने वाली अदाकार सीरत कपूर ने बताया कि अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत जरूर तेलगू फिल्मों से की। लेकिन, वे हिंदी की फिल्मों के प्रति भी गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि वे हिंदी भाषी क्षेत्र से ही हैं। हिंदी के प्रति उनका प्रेम है। उन्होंने बताया कि वे फिल्म में हीरोइन जैसी भूमिका नहीं है, हां यह कहा जा सकता है कि वे फिल्म के केंद्र में हैं। तुषार और सीरत ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि मौका मिला तो वे ब्रज की पृष्ठभूमि से जुड़ी फिल्म में जरूर काम करना चाहेंगे।
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Author: Vijay Singhal
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