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दाऊजी महाराज ने ओढ़ी रजाई समझो सर्दी आई, शुरू हुआ लक्खी मेला

ByVijay Singhal

Dec 8, 2022
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हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। बलदेव में श्री दाऊजी महाराज का 442 वां प्राकटॺोत्सव आज मनाया जाएगा। इसी के साथ दाऊजी का लक्खी मेला शुरू हो जाएगा। दाऊजी महाराज को विशेष रजाई गद्दल धारण कराई जाएगी। श्री दाऊजी महाराज गद्दल धारण कर भक्तों को सर्दी से बचाव का संदेश देते हैं। दाऊजी महाराज ने ओढ़ी रजाई समझो सर्दी आई। प्रात: शहनाई वादन व बलभद्र सहस्त्रनाम का पाठ होगा। पंचामृत में केसर मिला कर स्नान अभिषेक के साथ गर्म वस्त्र धारण कराए जाएंगे। दोपहर में मेवा युक्त खीर व रात को गर्म मेवा युक्त दूध का भोग लगाया जाएगा। सर्दी में मेवा, काजू, पिस्ता केसर की मात्रा बढ़ा दी है। सुहागा सोंठ का भोग लगता है। मेला श्री दाऊजी महाराज के प्राकटॺ से जुड़ा है। यह मार्गशीर्ष पूर्णिमा से शुरू होता है। इसी दिन 442 वर्ष पूर्व बलदेवजी, रेवती मैया का प्राकटॺ मार्गशीर्ष शुक्ल 15 संवत 1638, सन 1582 में हुआ था। उस समय श्रीमद् वल्लभाचार्य महाप्रभु के पौत्र गोस्वामी गोकुलनाथ ने पर्णकुटी में विशाल श्री विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की। एक वर्ष बाद नए मंदिर में संवत 1639 सन 1583 को श्री बलदेव जी, रेवती मैया की प्राण प्रतिष्ठा की। मंदिर का निर्माण दिल्ली के श्याम लाल सेठ ने कराया था। तभी से यहां मेला प्रतिवर्ष लगता है। पुरातत्व विद्वानों के अनुसार दाऊजी महाराज का श्री विग्रह ब्रज के सभी मंदिरों के विग्रहों में प्राचीन है। यह कुषाणकालीन है। बलदेव जी का 8 फीट ऊंचा व साढ़े तीन फीट चौड़ा श्री विग्रह है।रजाई मे 75 मीटर कपड़ा लगता है। पुजारी रामनिवास शर्मा ने बताया सर्दी से बचाव के लिए दाऊ बाबा और रेवती मैया की रजाई जिसे गद्दल कहते हैं में 75 मीटर कपड़ा और 12 किलो रुई भरी जाती है। शेष अवतार को सर्दी न लगे इसलिए दाऊ बाबा के कोट में 56 मीटर कपड़ा व 8 किलो रुई भरी जाती है। सर्दी में श्रृंगार में गर्म कपड़ों का प्रयोग होता है। बलदेव के अगहन पूर्णिमा, लक्खी मेला का शुभारंभ आज विधि विधान से चेयरमैन कमल कुमार पांडेय द्वारा किया जाएगा। चेयरमैन ने बताया मेला का शुभारंभ दोपहर में किया जाएगा । मेले में दुकान लग चुकी हैं। दुकानदारों की पूरी व्यवस्था नगर पंचायत द्वारा की जा रही है। किसी को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
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Vijay Singhal
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