हिदुस्तान 24 टीवी न्यूज चीफ विजय सिंघल
मथुरा। होली के दिन वृंदावन में सरकारी पिस्टल से युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सिपाही मथुरा में एसओजी में तैनात रहे को एडीजे-9 संतोष कुमार तृतीय की अदालत ने दोष सिद्घ करार दिया है। सजा पर निर्णय 30 नवंबर को सुनाया जाएगा। उसे मय पिस्टल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वारदात 31 मार्च 2099 की है। कृष्णापुरम कॉलोनी गोविंद नगर निवासी केवल राम शर्मा के पुत्रगण अरुण शर्मा और रजत शर्मा होली खेलने के लिए अपने दोस्त आयुष एवं चेतन के साथ बाइक से वृंदावन जा रहे थे। दिन में लगभग 11.40 बजे सौ शैया अस्पताल-लुटेरिया हनुमान मंदिर के पास किसी बात को लेकर स्कॉर्पियो कार सवार रोहित पुत्र चरण निवासी कीरतपुर पुलिया थाना जसवंत नगर इटावा से मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। पुलिस कांस्टेबिल रोहित पूर्व मेें मथुरा में एसओजी का सिपाही रह चुका था और गौतमबद्घनगर पुलिस लाइन में तैनात था। सिपाही ने मामूली विवाद में सरकारी पिस्टल से रजत शर्मा के सीने में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल रजत को इलाज के लिए ले जाने पर नयति अस्पताल में मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंचे अद्धा चौकी इंचार्ज विपिन भाटी ने सिपाही रोहित को मय सरकारी पिस्टल के गिरफ्तार कर लिया। मृतक के पिता केवल राम शर्मा ने वृंदावन कोतवाली में सिपाही के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। केस की सुनवाई एडीजे- 9 संतोष कुमार तृतीय की अदालत में हुई। अभियोजन ने केस मेें नौ लोगों की गवाही कराई। एडीजीसी भीष्म दत्त सिंह तोमर ने बताया कि अदालत ने सिपाही को दोष सिद्ध करार दिया है तथा 30 नवंबर को सजा पर निर्णय दिया जाएगा।
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Author: Vijay Singhal
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